साली की जबरदस्त चुदाई

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प्रेषक : मोहन …


हैल्लो दोस्तों कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने वाली चूत वालियों और लंड वालो, सबसे पहले मेरा आप सभी को नमस्कार। दोस्तों मेरा नाम मोहन है, में सिरसा हरियाणा का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 29 साल है। में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ, मेरे पास 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटाई वाला लंड है और में अपने बाप का इकलोता बेटा हूँ। दोस्तों आज में आप लोगो को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ और इससे पहले भी में आप लोगो को अपनी दो कहानियाँ लिखकर भेज चुका हूँ, जिनका नाम था ‘’साली की ससुराल में चुदाई, ‘’ससुराल में सास की चुदाई, दोस्तों उन दोनों कहानियों में मैंने अपनी साली और अपनी सास की बहुत जमकर चुदाई के मज़े लिए और वैसे आप लोगो ने उनको जरुर पढ़ा होगा और जिन लोगो ने उन कहानियों को नहीं पढ़ा है वो भी जरुर इसको पढ़कर मज़े ले। दोस्तों मुझे उम्मीद है कि उन दोनों कहानियों की तरह आप सभी मेरी आज की इस सच्ची घटना को भी जरुर पसंद करेंगे। दोस्तों मेरी शादी तीन फरवरी को हुई थी, तब मेरी शादी को करीब चार साल और पांच महीने हो चुके थे, मेरी पत्नी बहुत ही सुंदर है और मेरी पत्नी से भी ज्यादा सुदंर सेक्सी मेरी दोनों बड़ी सालियाँ है।


दोस्तों मेरी शादी के समय बड़ी साली के दो बचे थे और करीब पांच साल पहले उसकी शादी को हो चुके थी और मेरी दूसरे नंबर वाली साली की शादी मुझसे करीब आठ महीने पहले ही हुई थी। दोस्तों जैसा कि में अपनी पिछली कहानी में बता भी चुका हूँ कि मेरी बड़ी साली अपने पति के साथ अपने ससुराल में रहती है और दूसरे नंबर वाली साली करीब मेरी शादी के कुछ महीने बाद अपने ससुराल से नाराज़ होकर अपने मयके आ चुकी थी। फिर जब वो अपने ससुराल से अपनी माँ के घर आई थी उस समय वो गर्भवती थी और मयके आने के बाद उसने एक लड़के को जन्म दिया और उसके बच्चे का जन्म भी मयके में ही हुआ था और वो अब तक अपने मयके में ही है उसको करीब चार साल हो चुके थे। अब मेरे ससुराल में मेरी दो शादीशुदा साली एक साला और सास-ससुर है, मेरी पत्नी सबसे छोटी है इसलिए में अपने ससुर का सबसे छोटा दामाद हूँ। दोस्तों में अपनी इस कहानी में अपनी दूसरे नंबर वाली साली की चुदाई के बारे में आपको बताने जा रहा हूँ, जब मेरी पत्नी ने मेरी ताकत चुदाई के समय बहुत देर तक रुके रहना और मेरे लंड के जोश के बारे में बताया तब मेरी दोनों सालियों ने भी मुझसे सेक्स का मज़ा लेने का विचार बना लिया।


फिर वो दोनों भी मुझसे अपनी प्यासी चूत की चुदाई करवाकर उसको शांत करने के लिए उतावली होने लगी थी। दोस्तों मेरी बड़ी साली अपने पति के पास ही रहती है और दूसरे नंबर वाली साली के बारे में बता चुका हूँ और अब में अपनी आज की कहानी की तरफ आता हूँ। दोस्तों जहाँ में नौकरी करने जाता हूँ, उस रास्ते में मेरा ससुराल भी है और जब मेरी साली की डेलिवरी को पूरे चार महीने हो चुके थे। एक दिन शाम को जब में अपने ऑफिस से निकलने ही वाला था, उसी समय मेरी दूसरे नंबर वाली साली का मेरे पास फोन आ गया और उसने मुझसे कहा कि आप आज घर जाने के बदले यहाँ (ससुराल) में आ जाओ और उसने मुझसे बड़ी ही बेशरमी के साथ कहा कि प्लीज आप एक कंडोम का पैकेट भी ले आना। फिर मैंने उसको पूछा कि तुम उसका क्या करोगी? तब उसने मुझसे कहा कि पड़ोस में मेरी एक भाभी रहती है वो उन्होंने माँगाया है। दोस्तों उस दिन शुक्रवार का दिन था और मेरा ऑफिस शनिवार को बंद होता है, में शाम को करीब 8:30 बजे अपने ससुराल पहुँच गया, वैसे भी में अपनी सालियों को देखकर उनको मन ही मन चोदने की बात सोचा करता और फिर धीरे धीरे मेरी वो सोच सच में बदल गई।


फिर मैंने वहाँ पर जाकर अपनी सास व ससुर को प्रणाम किया और साली को और साले को भी हैल्लो बोला और फिर वही दामाद वाली सेवा शुरू। फिर मैंने सही मौका पाकर कंडोम का पैकेट अपनी साली के हाथों में थमा दिया और तब मैंने उसको कहा कि बिना कंडोम ही ज्यादा मज़ा आता। अब उसने मेरे मुहं से यह बात सुनकर हल्की सा मेरी तरफ मुस्कुरा दिया और फिर वो चली गई। फिर मैंने अपने मोबाइल से अपने घर फोन किया और वो फोन मेरी पत्नी ने ही उठाया, मैंने उसको कहा कि में आज तभी मेरी पत्नी ने बीच में मेरी बात को काटते हुए कहा कि हाँ मुझे पता है आज तुम घर नहीं आओगे मुझे मेरी अम्मा ने और मेरी बहन ने पहले ही बता दिया था और फिर ठीक है, बाय कहकर उसने फोन रख दिया। फिर मैंने मेरे साले व साली के साथ खाना खाया उसके बाद हमारी सोने की तैयारी हुई। अब मेरा बिस्तर मेरे साले के साथ ऊपर के कमरे में लगा दिया और फिर मेरा साला सोने चला गया और में भी उसके पीछे पीछे जाने लगा, लेकिन उसी समय मुझसे मेरी सास कहने लगी कि बेटा तुम थोड़ी देर बाद चले जाना, मुझे तुमसे कुछ बात करनी और तब तक मेरा ससुर बाहर के कमरे में सोने चला गया और में उस कमरे में टीवी देखता रहा।


दोस्तों उनका घर बहुत बड़ा है और इस वजह से जगह की कोई कमी नहीं थी, मेरी सास और मेरी साली रसोई में काम करती रही और बीच बीच में मेरी साली मेरे साथ बातें करने आ जाती और कुछ देर बाद मेरी साली मेरे लिए एक दूध का जग लेकर आ गई और मुझे पीने के लिए कहा। अब मैंने उसको कहा कि में इतना दूध कैसे पीऊंगा? मेरी साली और सास एक साथ बोली अगर बेटा दूध नहीं पीओगे तो करोगे कैसे? में तो इस बात को सोचकर परेशान हो रहा था और उसके साथ अब मेरे दिमाग़ में कंडोम का मंगवाना भी घूम रहा था। अब में टीवी में खो गया और धीरे धीरे मेरी आँख लगनी शुरू हो गई, टीवी के चलते और कमरे में रोशनी होने की वजह से मुझे नींद भी हल्की हल्की आने लगी थी और मेरी सास व साली की बातें भी मुझे सुनाई दे रही थी। फिर मेरे कानो में सुनाई दे रहा था, मेरी सास मेरी साली से कह रही थी कि बेटी अपने जीजा के साथ चुदते समय कंडोम जरुर काम में लेना और तू अपनी चूत को जी लगाकर चुदवाना तुझे वैसे भी तुझे बहुत दिन हो गये लंड का मज़ा लिए, आज तू छोड़ना मत अपने जीजू को जब तक तेरा मन शांत ना हो जाए।


अब में उनकी वो बातें सुनकर मन ही मन बहुत खुश हुआ कि साली ने कंडोम अपने लिए ही मंगाए है और वो आज मुझसे जरुर अपनी चुदाई के मज़े लेगी और फिर कुछ देर के बाद मेरी सास मेरे पास आई। अब वो कहने लगी कि बेटा तुमने अच्छा किया जो आज तुम चले आए और बेटा आप यहीं इसी बेडरूम में सो जाना, अभी आपकी साली आएगी और तुम दोनों मज़े करना और कहा कि बेटा तेरे बारे में मेरी बेटी ने जब बताया में बहुत खुश हुई सोचने लगी कि मेरा छोटा दामाद इतना दमदार है। अब मेरी साली सजसंवर के कमरे में आ गई वो उस समय लाल रंग की कमीज और सलवार पहने हुए थी और वो मुझसे पूछने लगी कि जीजू में आपको कैसी लग रही हूँ? यह बात पूछते हुए एक सेक्सी मुस्कान दी। अब मेरी सास चली गई और मेरी साली ने कमरे के दरवाजे और खिड़कियाँ सब को बंद कर दिए और उसने एक खिड़की को हल्की सी खुली छोड़ दिया यह सब करके वो मेरे पास आकर बैठ गई। दोस्तों वो उस लाल रंग के कपड़ो में क्या मस्त सुंदर लग रही थी और अब वो मुझे कंडोम देते हुए कहने लगी कि यह मैंने अपने और आपके के लिए ही मँगवाए है, आज आप अपनी साली को अपनी पत्नी समझकर प्लीज मेरा कल्याण कर दो।


फिर हमारे बीच कुछ देर बहुत सारी बातें हुई और उसके बाद मैंने उसको अपने पास लेटा लिया और उसके होंठो पर मैंने एक ज़ोरदर चुम्मा कर दिया वो हमारा चूमना करीब दस मिनट तक चला, उसने और मैंने एक दूसरे के बहुत जमकर एक दूसरे के होंठो को चूसा और उसके बाद में उसके गालो और गर्दन पर चूमने लगा। फिर साथ ही साथ में कपड़ो के ऊपर से ही उसके बूब्स को भी दबाने लगा और फिर मैंने उसको कमीज उतारने के लिए कहा। अब वो कहने लगी कि इतनी भी क्या जल्दी है? कुछ देर बाद मेरे कहने पर उसने अपनी कमीज को उतार दिया। फिर में देखता ही रह गया वाह क्या मस्त गजब का गोरा बदन था? और उसके ऊपर काले रंग की ब्रा में उसके गोरे गोरे बूब्स बहुत गजब के लग रहे थे और मेरी साली क्या मस्त माल है? मुझे उस दिन उसके अधनंगे गोरे बदन को देखकर पहली बार पता चला। अब हम दोनों एक दूसरे की बाहों में जकड़ गये, मैंने उसकी कमर में हाथ घुमाते हुए उस ब्रा को भी खोल दिया, जिसकी वजह से अब उसके बूब्स मेरी छाती से टकराए जिसकी वजह से हम दोनों में एक करंट सा लगा और मेरा लंड अकड़ता चला गया एकदम सख्त हो गया।


फिर मैंने उसके बूब्स को ध्यान से देखा वाह क्या मस्त गोरे गोरे बूब्स थे? एकदम सफेद और चिकने चमकदार में देखता ही रह गया। अब वो मुझसे पूछने लगी तुम ऐसे घूरकर क्या देख रहे हो? में होश में आकर उसके एक बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे बूब्स के निप्पल को हाथ से सहलाने दबाने भी लगा था। अब कुछ देर बाद मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और उसके मुँह से भी अब आह्ह्ह् आईईई औह्ह्हह् की आवाज आ रही थी वो भी अब तक बहुत गरम हो चुकी थी। फिर मैंने उसके बूब्स को दबाना छोड़कर अपने एक हाथ को उसकी चूत के ऊपर लगा दिया और तब मैंने महसूस किया कि उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी और मुझे उस समय छुकर लगा कि शायद वो झड़ चुकी है। फिर मैंने उसके ऊपर लेटकर उसके गालो होंठो गर्दन को चूमना शुरू किया और अब में उसकी कमर पेट नाभि को भी चूमने लगा और फिर में उसकी सलवार को खोलने लगा, मैंने उसको चूमते हुए ही उसकी सलवार को खोलकर उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ काले रंग की पेंटी में थी। अब मुझे उसकी काले रंग की पेंटी के अंदर से वो गोरी गदराई हुई जांघे और गुलाबी चूत साफ दिखाई दे रही। दोस्तों वो बहुत ही सुंदर लग रही थी वो क्या मस्त माल थी? और फिर में दोबारा उसके बूब्स को चूसने लगा और उसकी चूत पर हाथ भी घुमाने लगा।


फिर धीरे धीरे मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया और अब में अपनी उंगली को उसकी चूत में डालने लगा और वो मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर रगड़ रही थी और साथ ही दबा भी रही थी। दोस्तों जिसकी वजह से मुझे बड़ा ही मस्त मज़ा आ रहा था और मेरा लंड एकदम गरम लोहे की तरह सख्त हो चुका था। अब उसने मेरी पेंट को उतारना शुरू कर दिया, में उठा और अपने कपड़े उतारकर नंगा होकर उसके पास लेट गया और अब पागलों की तरह हम एक दूसरे को चूमने लगे, उसके बाद मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर उसके कूल्हों के नीचे तकिया रखकर उसकी जांघो चूत को धीरे से चूमने लगा और में उसकी चूत का सारा रस भी पी गया और मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया। दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि उसकी चूत बहुत कसी हुई थी क्योंकि पिछले एक साल से उसके साथ किसी ने सेक्स नहीं किया था इस वजह से उसकी चूत एकदम कुँवारी लड़कियों जैसी थी और वो बहुत ही सुंदर थी। फिर मेरे चूसने की वजह से उसको बड़ा मस्त आनंद आ गया और वो भी अपनी कमर को हिलाने लगी और कुछ देर बाद वो झड़ गई।
अब मैंने उसकी चूत का सारा रस अपने मुहं से चूसकर जीभ से चाट लिया, उसके बाद में उठा और मैंने उसके दोनों पैरों के बीच उसकी चूत के होंठो पर अपने को लंड रख दिया। अब वो मुझसे पूछने लगी क्या आप अपना लंड मुझे नहीं चूसने के लिए कहोगे? मैंने उसके मुहं से यह बात सुनकर तुरंत अपना लंड चूत से हटाकर उसके होंठो पर रख दिया, उसने मेरे लंड को चुम्मा किया और मुझे नीचे लेटने के लिए कहा में पलंग पर लेट गया। अब मेरी साली ने मेरा लंड अपनी मुठ्ठी में पकड़कर हिलाते हुए वो अपने होंठो से चूमने लगी और लंड के टोपे को वो अपने मुँह में लेकर आईस्क्रीम की तरह चूसने लगी। फिर कुछ देर बाद मैंने भी उसके पैरों को उठाकर अपने मुँह पर उसकी चूत को रख लिया और फिर हम दोनों 69 आसन में आकर एक दूसरे के लंड और चूत को चूसने चाटने लगे थे। अब में कुछ देर बाद झड़ने ही वाला था, मैंने उसको कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ, लेकिन वो अनसुना करके मेरे लंड को और बभी ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी। फिर उसके बाद में भी झड़ गया और वो भी इस बीच दोबारा झड़ गई, हम दोनों एकदम निढाल होकर एक दूसरे से चिपककर लेट गये, हमारा यह खेल करीब 25 मिनट तक चला और फिर 10 मिनट के बाद हम दोनों हंस हंसकर बातें करने लगे।


अब वो मुझसे बोली कि आपका वीर्य बहुत ही गढ़ा और स्वादिष्ट है इतना गढ़ा वीर्य पीने से मुझे बड़ा मस्त मज़ा आया और फिर मैंने भी उसकी चूत के रस की तारीफ करना शुरू किया। फिर उसके बाद में उसको चोदने की तैयारी करने लगा, मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया और उसके दोनों पैरों को फैलाकर मैंने उसकी चूत के मुँह पर अपना लंड रख दिया। अब वो मुझसे बोली कि जीजू प्लीज थोड़ा धीरे धीरे डालना आपका लंड बहुत मोटा और लंबा भी है क्योंकि मेरी चूत में बहुत दिनों से कोई भी लंड नहीं गया इसलिए यह एकदम बंद सी हो चुकी है। अब मैंने उसकी तरफ आंख मारते हुए उसको कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो मेरी रानी आज तेरी चूत को में एक बार फिर से खोल दूँगा और इतना कहकर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को पकड़ लिया। फिर उसकी चूत पर मैंने अपना लंड रख दिया और उसके होंठो को अपने होंठो में ले लिया, में चूसने लगा और धीरे से लंड को मैंने उसकी चूत में डाल दिया, मेरे होंठो में उसके होंठ होने की वजह से उसकी आवाज़ बाहर नहीं आ सकी। अब मैंने होंठ छोड़कर उसके गालो पर चूमते हुए ही एक जोरदार धक्का लगा दिया जिसकी वजह से मेरा लंड अब आधे से ज्यादा उसकी चूत में जा चुका था।

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अब वो ज़ोर से चिल्लाई उईईईई माँ में मर गई प्लीज बाहर निकालो ऊईईईईइ माँ में मर गई, आज मेरी चूत को फाड़ दिया जीजू ने आह्ह्हह् आप अब अपने लंड को बाहर निकालो, वरना मेरी चूत फट जाएगी मुझे आपसे अपनी चूत नहीं चुदवानी। अब में कुछ देर अपने धक्के देना बंद करके उसको चूमता रहा और उसके ऊपर आराम से लेटा रहा, करीब पांच मिनट के बाद उसका दर्द कम हुआ और वो शांत होने लगी मैंने धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। अब वो मुझसे पूछने लगी क्या आपका पूरा लंड मेरी चूत में है? मैंने कहा कि नहीं मेरी जान अभी तो दो इंच के करीब बाहर है। फिर मेरे मुहं से यह बात सुनकर उसने अपने एक हाथ से चूत को जांचना शुरू किया और अब वो कहने लगी कि आप मेरे होंठो पर अपने होंठ रखकर अपना पूरा लंड एक जोरदार धक्के के साथ मेरी चूत में पूरा अंदर डाल दो उसके बाद जो भी होगा देखा जाएगा। अब मैंने उसके कहे अनुसार ही किया और अपने लंड को अंदर बाहर करते समय मैंने एक ज़ोर का झटका लगाया जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया, उसकी चूत बहुत टाइट थी इसलिए मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।


अब वो एक बार फिर ज़ोर से चिल्लाई ऊईईईई माँ आह्ह्ह्ह में मर गई मेरी चूत को फाड़ दिया जीजू ने आईईईईई आह्ह्ह्ह, लेकिन होंठो में उसके होंठ होने की वजह से उसकी वो आवाज़ कमरे में ही रह गई। फिर उसने कुछ देर रुकने के लिए कहा में उसके गाल कान होंठो गर्दन पर चूमता रहा और में बीच बीच में उसके बूब्स को भी चूसता रहा और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को भी दबाता रहा। फिर उसने कुछ देर बाद मुझसे कहा कि अब आप मुझे धीरे धीरे धक्के देकर चोदना शुरू करो, तब मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी। अब में उसकी चूत को पूरी तेज़ी से धक्के देकर चोद रहा था और वो बीच बीच में करहा रही थी और वो ज़ोर से सिसकियाँ लेन लगी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसका वो दर्द मज़े में बदल गया और वो भी अब अपनी कमर को हिलाने लगी थी, वो कह रह थी हाँ और ज़ोर से चोदो आज तुम मेरी चूत को फाड़ दो। अब में और भी ज़ोर से धक्के देकर उसको चोदने लगा, वो मज़े लेकर चुद रही थी में उसको चोद रहा था और करीब 30 मिनट की इस चुदाई में वो दो बार और में एक बार झड़ गया, मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में ही डाल दिया वो बहुत खुश थी।
फिर में दस मिनट तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसको चूमता रहा और कुछ देर बाद धीरे धीरे हमारी थकान दूर हो गई। अब उसने उठकर मेरे लंड को चूसा अपनी चूत का रस अपने हाथों में लेकर मेरे लंड पर लगाकर चाटने लगी और मैंने उसकी चूत को चूसना शुरू कर दिया। फिर हम दोनों अब 69 आसन में आ गए, कुछ देर बाद हम दोनों एक दूसरे की बाहों में जकड़ गये वो मुझे और में उसको चूम रहा था। अब मैंने उसको अपनी गांड में मेरा लंड लेने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया और उसने कहा कि मैंने कभी भी अपनी गांड नहीं मरवाई और इसलिए में नहीं मरवाना चाहती वरना मुझे बहुत दर्द होगा इसलिए अब आप गांड के अलावा मेरा सब कुछ ले सकते में आपकी ही हूँ। अब मैंने उसकी गांड को सहलाते हुए उसको बताया कि गांड मरवाने में चूत से भी ज्यादा मज़ा आता है और धीरे धीरे दर्द मज़े में बदल जाता है। दोस्तों वो कुछ देर के बाद समझाने पर अपनी गांड मरवाने के लिए तैयार हो गई, लेकिन वो कहने लगी कि एक शर्त पर अगर मुझे ज्यादा दर्द हुआ तो आप मेरे कहते ही वहीं पर रुक जाओगे और मेरी गांड नहीं मारोगे।
अब मैंने उसकी पूरी बात को सुनकर हाँ कहा और फिर वो मुझे अपनी गांड देने के लिए तैयार हो गई, मैंने उसको उल्टा लेटने के लिए कहा और वो अपने पेट के बल लेट गई मैंने उसके नीचे दो तकिए लगा दिए और उसकी गांड में बहुत सारा थूक लगा दिया। फिर उसको कहा कि अब तुम अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को थोड़ा सा खोलो और उसने ठीक वैसे ही किया। अब मैंने अपने लंड पर भी थूक लगाया और उसकी गांड के छेद पर अपने लंड को मैंने रख दिया, उसको कहा कि होशियार रहना मेरा लंड अब तुम्हारी गांड में घुसने वाला है। अब वो कहने लगी कि प्लीज धीरे से डालना पहले कभी इसमे लंड नहीं गया है, मैंने यह बात सुनकर हल्का सा एक धक्का लगा दिया और अब मेरे लंड का टोपा उसकी गांड में घुस गया दर्द की वजह से वो थोड़ी सी चिल्लाई। अब मैंने अपने हाथों से उसके बूब्स को पकड़कर सहलाने और दबाने लगा और कुछ देर बाद मैंने मौका पाकर एक जोरदार धक्का लगा दिया और उस वजह से मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी गांड में चला गया और वो ज़ोर से चिल्लाई पड़ी ऊईईईईई माँ आह्ह्ह्ह में मर गई, मेरी गांड को फाड़ दिया जीजू ने आईईईईई प्लीज निकालो अपने लंड को बाहर मेरी गांड फट जाएगी मुझे नहीं चुदवाना अपनी गांड को आपसे।


फिर में कुछ देर उसकी कमर को गर्दन को और कानो को चूमता रहा और उसके ऊपर आराम से लेटा रहा करीब 5-7 मिनट के बाद उसका दर्द कम हुआ और वो सिसकियाँ लेने लगी। अब मैंने धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और उस समय वो मुझसे पूछने लगी क्या पूरा लंड मेरी गांड में चला गया है? मैंने कहा कि नहीं जान अभी तो दो इंच के करीब बाहर है। फिर उसने एक लंबी सांस लेते हुए अपने हाथ से गांड और लंड को छुकर महसूस किया और उसके बाद वो मुझसे कहने लगी कि आप मेरे मुँह को ज़ोर से पकड़ लो और एक ही धक्के के साथ पूरा लंड मेरी गांड में डाल दो उसके बाद जो भी होगा देखा जाएगा। फिर मैंने उसके कहे अनुसार ही किया मैंने उसकी चुन्नी से उसके मुँह को दबा दिया और फिर लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करते समय ही एक जोरदार धक्का लगा दिया और अपना पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया और उस समय मैंने महसूस किया कि उसकी गांड बहुत टाइट थी और मस्त भी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब वो फिर से चिल्लाई ऊऊईईईई माँ में मर गई मेरी गांड को फाड़ दिया जीजू ने आईईईईई आह्ह्ह्ह, लेकिन मुँह के आगे कपड़ा होने की वजह से आवाज़ कमरे में ही रह गई और उसने कुछ देर धक्के बंद करने को कहा।


अब में उसके गालों कानों होंठो गर्दन और कमर पर चूमने लगा था और में बीच बीच में उसके बूब्स को भी दबाता रहा। फिर उसने मुझसे कहा कि धीरे धीरे मेरी गांड को चोदना शुरू करो और मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी। अब में उसकी गांड को पूरी तेज़ी से धक्के देकर चोद रहा था और वो दर्द से करहा रही थी और सिसकियाँ भी लेने लगी थी, कुछ ही देर बाद उसका दर्द मज़े में बदल गया और वो भी अब अपनी कमर को हिलाने लगी। अब वो मुझसे कह रह थी हाँ और ज़ोर से चोदो मेरी गांड को फाड़कर रख दो। फिर में उसकी गांड को और ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा वो मेरे साथ मज़े लेकर चुद रही थी बहुत देर तक में उसके ऊपर लेटकर उसकी गांड को चोदता रहा और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, मुझे लगा कि अब उसको गांड मरवाने में मज़ा आ रहा है। फिर मैंने उसको कुतिया आसन में होने को कहा वो झट से मान गई और वो मेरे सामने कुतिया आसन में हो गई, मैंने थोड़ा सा थूक उसकी गांड और मेरे लंड पर लगाते हुए अपने लंड को गांड के मुहं पर रखकर एक ही धक्के में पूरा लंड डाल दिया।


अब वो फिर से दर्द की वजह से चिल्लाई ऊईईईईई माँ में मर गई मेरी गांड को फाड़ दिया जीजू ने आईईईईई और वो कहने लगी प्लीज पूरा ज़ोर लगाकर चोदो आप मेरी गांड को आज आप मेरी गांड को फाड़ दो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। अब मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से उसकी गांड को धक्के देकर चोदने लगा। अब उसको भी बड़ा मज़ा आ रहा था और मुझे भी कुछ देर देर बाद जब में झड़ने के नज़दीक पहुँचा, तब मैंने उसको कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ। अब उसने मुझसे कहा कि आप मेरी गांड में ही अपना पूरा वीर्य निकलने दो और फिर मैंने अपने सारा वीर्य उसकी गांड में छोड़ दिया और कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए हम बहुत थक चुके थे। फिर कुछ देर लेटे रहने के बाद हम पेशाब करने चले गये और बारी बारी से हमने एक दूसरे के सामने पेशाब किया उसके बाद हम वापस कमरे में आ गये और हम कुछ देर शांत लेटे रहे। फिर जैसे जैसे हमारी थकान दूर हुई हम एक दूसरे को चूमने लगे, उसके बाद मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और उसने भी कुछ देर बाद मेरे लंड को चूसने को कहा। अब हम दोनों 69 आसन में आकर मज़े करने लगे और बहुत देर तक करते रहे।


अब मैंने उसकी दोबारा चुदाई करने के लिए कहा वो उस समय बहुत थक चुकी थी, लेकिन वो फिर भी तैयार हो गई और में उसको उठाकर बेड के किनारे पर ले आया और मैंने उसकी गांड को बेड के किनारे पर रख दिया, मैंने उसके दोनों पैरों को ऊपर उठा लिया। अब ऐसा करने से उसकी चूत थोड़ी ऊपर की तरफ आ गई और मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड़ लिया और दबाने लगा, लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखकर एक जोरदार धक्का लगाकर उसकी चूत में मैंने अपने लंड को पूरा घुसा दिया। अब वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी ऊऊईईईईईई माँ में मर गई, प्लीज बाहर निकालो माँ में मर गई मेरी चूत फाड़ दी जीजू ने और में उसको धीरे धीरे धक्के देकर चोदने लगा। फिर कुछ देर बाद उसका दर्द कम हो गया जिसकी वजह से वो अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरा साथ देने लगी। अब में उसको धीरे धीरे चोद रहा था कि तभी अचानक से मेरी सास कमरे में आ गई, जिसकी वजह से में एकदम रुक गया। अब मेरी सास मुझसे कहने लगी कि बेटा तुम रूको मत आज तुम मेरी इस रंडी बेटी को पूरे जोश से चोदो इसको तुम इतनी ज़ोर से चोदो कि इसकी चूत और गांड दोनों ही फट जाए, क्योंकि इस रंडी का अपने पति से काम नहीं चला, इसका पति उसको पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर सका और इसलिए यह उसको छोड़कर यहाँ आ गई।


अब बेटा तुम आज से इसको अपनी रंडी समझकर पूरे मज़े देकर चोदो और वो इतना कहकर मेरी कमर को थप थपाकर मेरा हौसला बढ़ाने लगी। दोस्तों फिर क्या था? मैंने उसको पलंग के बीच में लेटा लिया और उसकी गांड के नीचे दो तकिए रख दिए और एक तकिया उसकी गर्दन के नीचे रख दिया, उसके बाद मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधो पर रखकर में उसकी तरफ झुक गया और अब में उसके दोनों बूब्स को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा। अब इस वजह से उसकी चूत एकदम ऊपर आ गई और में उसके ऊपर था, मेरी सास मेरे पास खड़ी होकर यह सब देख रही थी और वो कह रही थी हाँ जल्दी से चूत में अपना लंड डालकर इसकी मस्त चुदाई करो बेटा। फिर क्या था? मैंने अपने लंड की तरफ इशारा किया मेरी सास ने झट से मेरा लंड अपने हाथों में पकड़कर एक चुंबन ले लिया और मेरी साली की चूत के मुँह पर लगा दिया और बोली कि बेटा एक ही धक्के में चूत में पूरा लंड डाल दो। अब मैंने वैसे ही किया और वो चिल्लाई उईईईई माँ मर गई प्लीज बाहर निकालो उईईई माँ में मर गई मेरी चूत फाड़ दी जीजू ने आईईईई माँ।


फिर मेरी सास कहने लगी हाँ अब ले मज़ा तू अपने जीजू से बहुत खुजली हो रही थी ना तेरी चूत में अब मिटा ले अपनी खुजली को और वो बोली कि बेटा मेरी इस रंडी बेटी का अपने पति से काम नहीं चला बेटा, इसको तू अपनी रंडी समझकर पूरा ज़ोर लगाकर चोद दे फाड़ दे इसकी चूत और गांड को इतना कहकर वो चली गयी। अब में अपनी साली को पूरे ज़ोर शोर से धक्के देकर चोदने लगा, करीब एक घंटे तक में उसको उसी आसन में चोदता रहा। फिर उसके बाद मैंने उसके पैरों को छोड़ दिया और में उसके ऊपर लेटकर उसको चोदता रहा, मैंने उसको सुबह के करीब पांच बजे तक चोदा उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपने लंड का वीर्य निकाल दिया। दोस्तों उस रात को वो मेरे साथ चुदाई करके आठ बार झड़ी और मैंने पूरी रात सिर्फ पांच बार झड़ा। फिर हम अलग अलग हुए और मैंने उसको अपना लंड चूसने के लिए कहा, उसने मेरे लंड पर जो वीर्य लगा हुआ था उसको चाटकर छोड़ दिया और वो अपने कपड़े पहनकर अंदर चली गयी। फिर उसके बाद में भी अपने कपड़े पहनकर ऊपर के कमरे में सोने चला गया, चारपाई पर लेटते ही थकावट की वजह से मुझे तुरंत नींद आ गई और करीब दस बजे मेरी आँख खुली, में उठकर सुबह के कामों से निपटकर अपनी चारपाई पर लेट गया।


अब मेरी सास मेरे लिए दूध लेकर आ गई साथ में वो काजू-बदाम भी लेकर आई और मुझे वो खाने के लिए कहा में दूध के साथ काजू-बादाम भी खाने लगा। तभी इस बीच मेरी सास ने मुझसे पूछा कि बेटा कैसा रहा कल रात का वो खेल? में तो एकदम शरमा गया और उसने मेरे लंड पर हाथ रखते हुए दोबारा से पूछा। अब मैंने कहा कि मुझे बहुत मज़ा आया सासू जी और फिर रात की सारी बातें मैंने उसको बता दिया। अब मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया और मैंने उसको कहा कि सासु माँ क्या दिन में फिर से वो काम हो सकता है? अब सास ने मेरा लंड सहलाते हुए कहा कि बेटा अगर तुम्हारे ससुर जी सो जाएँगे तो तुम्हारा दोपहर में भी काम बड़े आराम से हो सकता और अब वो मेरा लंड देखने के लिए कहने लगी। अब मुझे बहुत शरम आ रही थी, लेकिन उसने मेरी अंडरवियर को खोलकर मेरे लंड को देखकर एक पप्पी ले ली और वो कहने लगी काश यह लंड मेरी चूत और गांड को भी चोद दे तो मुझे भी वही मज़ा आ जाएगा। अब मुझे बहुत शरम आ रही थी, तभी उसको किसी ने आवाज़ लगा दी और वो नीचे चली गई में कुछ देर वहीं पर लेटा रहा।
फिर कुछ देर बाद मैंने और मेरी साली ने खाना खाया उसके बाद में अपने ससुर के सोने का इंतजार करने लगा और ससुर जी खाना खाकर बाहर अपने कमरे में जाकर सो गये। फिर कुछ देर बाद मेरा साला किसी काम से बाहर चला गया। अब मेरी सास मेरे पास ऊपर वाले कमरे में आ गई और वो मुझसे बातें करने लगी, उसने मुझसे कहा कि अगर आप अपने लंड से मेरी चूत और गांड को भी चोदो तब में तुम्हे तुम्हारी साली को दोबारा चोदने का मौका दूँगी। दोस्तों अब मुझे बहुत शरम आ रही थी, लेकिन में भी अपनी साली को दोपहर के समय दोबारा चोदना चाहता था और फिर मैंने कुछ देर सोच विचार करके सासु जी को अपनी तरफ से हाँ कह दिया और साथ में कह दिया कि में इस बार नहीं अगली बार जब भी आऊंगा तब में आपको जरुर अपने लंड के मज़े दूंगा। अब मेरी सास मेरी बात को मान गई और वो मुझसे बोली कि बेटा तुम मेरे सामने ही मेरी बेटी को चोद दो क्योंकि में तुम दोनों की चुदाई को अपनी आँखों से देखना चाहती हूँ। अब मैंने उनको हाँ कहा और उसने तुरंत मेरी साली को मेरे पास बुलाया और वो खुद एक कोने में कुर्सी लेकर बैठ गयी और दोपहर की चुदाई देखती रही, मैंने दोपहर में अपनी साली को तीन घंटे तक अलग अलग आसन से चोदा।

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दोस्तों फिर हम दोनों उस चुदाई के मज़े लेते हुए तीन रात और दो दिन तक लगातार मस्ती करते रहे, मेरी साली मुझसे अपनी चुदाई करवाकर बहुत खुश थी और में भी उसके प्यासे जिस्म को पाकर बड़ा खुश था, मैंने उस मौके का जमकर फायदा उठाया। दोस्तों जब से लेकर अब तक में अपनी साली को चोदने के लिए महीने में दो तीन बार रात में अपने ससुराल पहुँच जाता हूँ और में जब भी जाता हूँ, में उसको पूरी रात अपने लंड से मज़ा चखाता हूँ और में खुद उसकी चूत का और उसकी गांड का बहुत मज़ा लेता हूँ ।।
धन्यवाद …

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