माँ ने जॉब की चुदवाने के लिए

0
Loading...

प्रेषक : मनोज शर्मा

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम मनोज है। यह स्टोरी उस समय की है मेरे पेरेंट्स दिल्ली ट्रान्स्फर हो कर आए थे। मेरे पापा उमेश एक कम्पनी में सेल्स मार्केटिंग में अच्छी पोस्ट पर हैं। उनका एक महीने में लगभग बीस दिन का टूर रहता है, मेरी माँ इंदु हॉउस वाईफ है और पहले मेरे ही स्कूल में टीचर थी। उनकी हाइट 5’6 होगी और फिगर 36-30-38 है कलर साफ, लम्बे बाल, लुकिंग वेरी सेक्सी। जब भी हम लोग मार्केट जाते थे लोग उन्हे घूरते रहते थे और कुछ लोग उनके सेक्सी फिगर को बहुत घूरते थे और उन्हें छूने की सोचते थे। उन्हे यह सब अच्छा लगता था। शायद पापा बीस दिन बाहर रहने के कारण ही वो और सेक्सी हो गई थी।

मुझसे बड़े लड़के जो कि मेरे दोस्त थे, उनसे चुदाई, चूत के बारे सुनकर और सेक्सी फोटो देखकर मुझे इस के बारे मे मालूम हो गया था। दिल्ली आने के बाद मेरे पापा ने मेरा दाखिला एक पब्लिक स्कूल में करा दिया था। माँ उस समय नानी को देखने के लिए हॉस्पिटल गई थी। उनकी तबीयत खराब थी। मेरे स्कूल स्टार्ट हो गई थे इसलिए माँ के हॉस्पिटल से आने के दो तीन दिन बाद में अपनी माँ के साथ साउथ के मार्केट गया था। हम नई बुक्स, ड्रेस पर्चेज करके माँ और में पास के रेस्टोरेंट में जूस पीने पहुँचे हम वहाँ पर जूस पी ही रहे थे, तभी अचानक एक लेडिस आई वो हमारी प्रिन्सिपल अंजू मेडम थी। उन्हे देखकर मैंने माँ को बताया था। माँ ने उनको देखा और बोली “अरे अंजू तुम,

अंजू : अरे इंदु तुम यहाँ, तुम तो शादी होने के बाद मुंबई में शिफ्ट हो गई थी।

इंदु : हाँ हम लोग लगभग 18-20 दिन पहले ही मुंबई से ट्रान्स्फर होकर आए है।

अंजू मेडम : बेटे का क्या नाम है और कौन से स्कूल में पड़ता है। अब मेरी माँ ने मुझे अपने स्कूल का नाम मेडम को बताने को कहा और मैंने बता दिया था। अब अंजू मेडम ने कहा कि उस स्कूल में तो प्रिन्सिपल हूँ बेटा कभी जरूरत पड़े तो मुझसे मिलना। वो बहुत ही सेक्सी औरत थी। अब वो दोनों बाते करने लगे अपने दोस्तों के बारे में। अब बातों बातों में माँ ने उनसे उनके स्कूल में जॉब के लिये बात की और उन्होंने कहा ठीक है तुम आ जाओ में सब करवा दूंगी।

अब दूसरे दिन माँ मेरे स्कूल आ गई और वहाँ पर अंजू मेडम ने उन्हें पुरा स्कूल दिखाया, स्कूल टीचर से मिलाया और मेरी क्लास टीचर से भी मिलवाया और प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश सर से भी बात की और उन्होंने दूसरे दिन से ही स्कूल शुरू करने को कहा । लेकिन अभी उन्हें मेरे स्कूल के कई लोगो से और भी मिलना था।

वैसे तो मेरी माँ खुद भी राकेश सर का लंड लेना चाहती थी लेकिन थोड़ा नाटक करती रही और अंजू मेडम ने सर के कहने पर उन्हें कई बार स्कूल आने को कहा।

अब अंजू मेडम उसी दिन घर पर आई और कहने लगी कि राकेश सर तुम्हारे बारे मे पूछ रहे थे और उन्होंने मुझसे कहा कि, तुम उसे कल से स्कूल आने को कह दो, तो इसलिए मे तुम्हे कहने आई हूँ। अब हम सभी ने घर पर लंच साथ मे ही किया और संडे का दिन था। अब वो दोनों पूरे दिन बातो में लगी रही और शाम को अंजू मेडम अपने घर पर चली गई थी। अब दूसरे दिन वो दोनों स्कूल में मिली और तभी दोनों बाते करने लगी।

अंजू : यार तुम तो आज बहुत ही सेक्सी लग रही हो कल हमारा प्रिन्सिपल राकेश तो तुम पर फिदा ही हो गया।

माँ : हँसते हुए वो तो मुझे लग ही रहा था, लेकिन तुझे कैसे पता चला क्या राकेश ने तुम्हे बोला था।

अंजू : हँसते हुए बोली.. अरे यार, तुम तो जानती हो कि कॉलेज में हम दोनों ने कितने प्रोफेसर और लड़को के लंड का पानी अपनी चूत में लिया है।

माँ : हाँ यार, लगता है तू ने अभी भी वो बातें नहीं छोड़ी है, क्या आज कल राकेश का पानी भी ले रही है तू अपनी चूत मे।

अंजू : और क्या, मेरे पति को नोट कमाने से फ़ुर्सत नहीं है, वो वीक में एक दो बार चोदता है, जबकि तुझे याद है कि मुझे रोज लंड चाहिए।

माँ : वो तो तुम सही कह रही हो मेरे पति भी बीस दिन बाहर रहते हैं, मुझे भी हमेशा खुजली रहती है, मुंबई में तो मैंने अपने लिए लंड का इंतज़ाम कर लिया था।

अंजू : तू वहाँ पर किस से चुदवाती थी।

माँ : में जिस स्कूल में पढ़ाती थी वहाँ पर एक टीचर से, वो मनोज को घर पर भी आकर पढ़ाता था और मुझे चुदाई भी सिखाता था।

अंजू : वो तुझे चुदाई सिखाता था या तू उसे।

माँ : अचानक तुझे मेरी याद कैसे आई।

अंजू : अरे वो राकेश को तुमने इतना ज़्यादा लट्टू कर दिया था कि तुम्हारे जाने के बाद उसने मुझे बुला कर बोला कि में तुम्हारी सहेली इंदु को भी चोदना चाहता हूँ। तभी मैंने कहा कि तुम्हारे दस इंच के लंड से चुदवा कर उसकी चूत को क्या फड़वाना है?

माँ : क्या, उसका दस इंच का लंड है।

अंजू : हाँ यार जबरदस्त चुदाई करता है 30 मिनट से पहले पानी नहीं छोड़ता है। कल तुम्हारे जाने के बाद मुझे अपने ऑफीस के पीछे बने रेस्ट रूम में ले जाकर दो बार चोदा उसके बाद भी उसका लंड तैयार था तीसरी बार के लिए, मैंने कहा कि में इंदु से बात करके आती हूँ और तुम को शाम पांच बजे तक बताती हूँ और उसके बाद तुम चाहो तो मेरी गांड भी मार लेना।

माँ : अच्छा इसका मतलब है कि अभी तेरी चुदाई का इंटरवेल हुआ है।

अंजू : हाँ और दोनो हंसने लगी थी।

अंजू : अब तू बोले तेरा क्या इरादा है।

माँ : चूत तो मेरी भी लंड चाहती है, बहुत दिनों से मुझे भी लंड नहीं मिला है।

अंजू : उसी का तो में इंतज़ाम करवा रही हूँ।

माँ : लेकिन में बार बार स्कूल चुदवाने कैसे आऊँगी।

अंजू : तो एक काम करते हैं तू स्कूल में जॉब के बाद कहीं पर भी चुद लेना।

माँ : यह ठीक है पहले भी में स्कूल में जॉब के साथ लंड ले चुकी हूँ।

अंजू : तो अब में राकेश से बात करती हूँ।

माँ : हाँ लेकिन जल्दी से जवाब देना।

अंजू : तुझे वो स्कूल में भी चोदेगा और तेरा पति जब घर मे नहीं होगा तो घर पर भी। तू बस लंड लिये जा।

माँ : लेकिन तू तो स्कूल में ही करवाती हैं।

अंजू : हाँ घर में तो मेरा पति रहता हैं।

माँ : लेकिन तुझे कोई तकलीफ़ तो नहीं होगी शेरिंग में.

अंजू : नहीं मेरे पास और भी लंड हैं।

माँ : कौन कौन से तू क्या मुझे नहीं बताएगी।

अंजू : हँसते हुए तुझे क्या वो सारे चाहिए।

माँ : हँसते हुए हाँ।

अंजू : में उसका भी इंतज़ाम करवा दूँगी।

माँ : हँसते हुए कौन कौन है।

अंजू : एक मंदिर का पंडित है, एक मेरे पति का क्लाइंट जो कि ब्लॅक है, एक इनकम टॅक्स वाला है और एक पति का दोस्त है।

माँ : हँसते हुए, अरे बाप रे तो तू बहुत बड़ी रंडी बन गयी है।

अंजू : हँसते हुए हाँ लेकिन तुझे से कम हूँ।

माँ : वो तो सही है, लेकिन स्कूल में फॉरमॅलिटी के लिए कब आना हैं।

अंजू : हँसते हुए क्यों तुझे खुजली लगी, में बात करके तुझे फोन करूँगी। अभी तो में फिर से जा कर गांड और चूत में पानी डलवा कर आती हूँ।

माँ : हाँ अब जा और मुझे जल्दी बताना, लेकिन उसे ऐसा नहीं लगना चाहिए कि में चुदवाना चाहती हूँ।

अब में सोचने लगा कि मेरे माँ कितनी बड़ी चुदक्कड़ है, फिर मुझे मुंबई के दिन याद आए जब वो टीचर से चुदती थी। माँ मुझे बाहर खेलने के लिए भेज देती थी और अंदर लंड लिया करती थी। अब लगभग आठ बजे माँ के मोबाइल मे अंजू मेडम का फोन आया था, वो कहने लगी कि तुम कल स्कूल अपने एजुकेशन के रिकॉर्ड वगेरह लेकर आ जाना।

अब माँ बहुत खुश हो गई और उन्होने मुझसे कहा कि बेटा में तुम्हारे स्कूल में टीचर की जॉब करने की कोशिश कर रही हूँ, जिससे स्कूल टाईम पर में तुम्हारा ख्याल भी रख सकूँगी और मेरा टाईम भी पास हो जाएगा क्योंकि तुम्हारे पापा तो घर पर बिज़ी रहतें है, में तो घर मे बोर हो जाती हूँ। लेकिन मैंने तो उनकी पूरी बाते सुनी हुई थी कि वो किस लिए और कौन सा जॉब करना चाहती हैं। लेकिन मैंने दिखाने के लिए खुश होकर बोला कि हाँ ये तो बहुत अच्छी बात है।

अब तुम भी बिज़ी हो जाओगी और यहीं पर तुम्हे अच्छे पब्लिक स्कूल का भी एक्सपीरियेन्स हो जाएगा और तुम इसके लिए अंजू मेडम या प्रिन्सिपल सर की भी हेल्प ले लेना वो दोनो ही बहुत कॉपरेटिव है।

माँ : हाँ बेटा अंजू तो मेरी क्लास फ्रेंड है वो तो हेल्प करेगी साथ ही साथ में प्रिन्सिपल सर भी बहुत कॉपरेटिव लगते है तुम बिल्कुल ठीक ही बोलते हो कि अगर ज़रूरी होगा तो में उनसे डिस्कशन के लिए घर पर डिनर के लिए भी बुला लूंगी, लेकिन अभी इंटरव्यू और नौकरी मिल तो जाए।

में बोला कि “हाँ आपने तो पहले भी जॉब की थी मुझे लगता है, आपको जॉब जरुर मिलेगी। नेक्स्ट दिन माँ ने बात करके ब्लू कलर की साड़ी और बेक ओपन स्लीव लेस लो कट ब्लाउज पहना, आज वो बहुत ही सुंदर लग रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था कि उनको देखकर मेरे प्रिन्सिपल का पानी पेंट में ही निकल जाएगा। अब हम लोग स्कूल पहुँचे और प्रिन्सिपल के रूम में माँ गई, वहाँ पर अंजू मेडम भी बैठी हुई थी।

उन दोनों ने माँ को कुर्सी पर बैठने के लिए बोला और डॉक्यूमेंट की फाईल देखने लगे थे।

माँ टेबल पर झुक कर प्रिन्सिपल सर को फाईल के पेज दिखा रही थी जिससे उनकी चूची ब्लाउज के अंदर से दिखाई देने लगी थी, प्रिन्सिपल सर भारी भारी चूचियों को देखकर खुश हो गये और बोले प्रिन्सिपल अच्छा तुम तो पहले भी स्कूल में अपना कुछ समय दे चुकी हो।

माँ : हाँ सर मैंने बहुत समय दिया है।

प्रिन्सिपल : ठीक है इंदु मेडम, हम आपके घर पर डिनर के लिये आयेंगे जब तुम्हारे पति आउट ऑफ स्टेशन जाएगें।

माँ : हाँ सर मेरे पति तीन चार दिन में आ जाएगे।

प्रिन्सिपल : बहुत अच्छा में कल शाम को आठ बजे आ जाऊंगा।

माँ : ठीक है सर, प्रिन्सिपल माँ के पास आए और अंजू मेडम की तरफ आँख मार कर बोले कि तुम्हारी सहेली बहुत सेक्सी और अच्छी है यह कहकर उन्होने माँ की साड़ी का पल्लू एक तरफ कर माँ की चूचियों को देखते हुए बोले।

प्रिन्सिपल : अंजू, तुम्हारी सहेली की चूचियाँ बहुत शानदार है।

अंजू : आख़िर सहेली किस की है और तीनो हँसने लगे थे।

प्रिन्सिपल माँ की चूचियों पर हाथ फैरते हुए बोले यह तो बहुत सॉलिड है, मेरा मन कर रहा है की में अभी तुम्हारा फाइनल इंटरव्यू ले लूँ।

अंजू : अभी रहने दो, घर पर जाने की तैयारी कर लो, रात को कर लेना यह कहीं भागी नहीं जा रही है। रात भर कस कस कर इंटरव्यू ले लेना, मेरी सहेली इंटरव्यू देने मे पीछे नहीं रहेगी, कहीं तुम मत हार जाना.. यह कह कर तीनो हँसने लगे थे।

प्रिन्सिपल : वो तो खैर रात के बाद में पता चलेगा कि कौन हारता है।

माँ : सर, में अब चलती हूँ, में आप लोगो का घर पर इंतजार करूंगी।

प्रिन्सिपल : हाँ ठीक है अब तुम जाओ।

दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

माँ जल्दी से प्रिन्सिपल के रूम से रिटर्न होकर बाहर निकली तो वो बहुत ही खुश नज़र आ रही थी। उनको देख कर मुझे लगा कि चुदाई करने में कितना मज़ा आता होगा, यह सोच कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, माँ ने मुझे रास्ते मे बताया कि उनको जॉब मिल गई है और प्रिन्सिपल सर बहुत अच्छे आदमी है, वो मुझे टीचिंग की नई टेक्नीक भी बताने का बोल रहे थे। मैंने जानबूझकर कहा कि फिर तो सर को आप घर पर डिनर के लिए इन्वाइट कर लो।

माँ : हाँ बेटा मैंने उनसे बोला था लेकिन वो तैयार नहीं हो रहे थे, अंजू मेडम के कहने पर तैयार हुए है। अब मैंने मन ही मन कहा कि मेरी रंडी माँ मुझसे कितना झूठ बोल रही है। फिर भी मैंने अंजान बनते हुए कहा कि..

में : माँ वैसे अपने प्रिन्सिपल सर बहुत अच्छे है, वो घर खाने पर आते रहे तो अच्छा है, मुझे बहुत अच्छे मार्क्स भी मिल जाएँगे, में जनता था कि प्रिन्सिपल किसी को मार्क्स देने के लिए नहीं आ रहे है। अब हम लोग घर वापस आ गये थे। माँ ने घर का लॉक खोलने के बाद मुझसे कहा कि बेटा तुम घर पर रहो, में रात के डिनर का इंतज़ाम के लिए मार्केट से सामान लेकर आती हूँ। मुझे पता था कि माँ खुद ही अपनी रात को चुदाई की तैयारी कर रही थी, तो मैंने भी रात को लाइव ब्लू फिल्म देखने के लिए तैयारी कर ली थी।

मेरे बेडरूम और माँ के बेडरूम के बीच में वेंटिलेटर है और मेरे बेड रूम के साइड में वेंटिलेटर के नीचे है, अब में लेफ्ट पर चड़ गया और माँ के बेड रूम को देखा तो पूरा बेडरूम देखाई दे रहा था। अब मैंने लेफ्ट मे लेटने के लिए स्पेस भी बनाया और एक चादर भी बिछा दी ताकि में लेट कर पूरा मज़ा लूँ मैंने लेफ्ट से उतर कर अपने बेडरूम के डोर में भी एक छेद किया जिससे मुझे ड्राइंगरूम का भी सीन दिखाई दे। अब घर पर होने वाली सारी क्रियाओं पर में नज़र रख सकता था, अपना पूरा काम करके में माँ का इंतजार करने लगा।

लगभग एक दो घंटे बाद माँ भी मार्केट से आ गई थी वो बहुत खुश थी। लग रहा था कि ब्यूटी पार्लर होकर भी आई है माँ ने बोला कि बेटा में लेट हो गई हूँ तुम आराम कर लो, माँ किचन में जाकर डिनर की तैयारी करने लगी और में थोड़ी देर आराम करने के बाद पानी पीने किचन गया तो सेल्फ़ में मेरी निगाह पड़ी वहाँ पर स्लीपिंग पिल्स पड़ी थी, अब मुझे अहसास हुआ था की माँ रात में मुझे मिल्क में मिक्स करके देना चाहती है की मुझे मालूम ना हो, अब में अलर्ट हो गया था।

अब रात को माँ ने लेमन ग्रीन कलर की साड़ी पहनी हुई थी और वो बहुत ज़्यादा ही सेक्सी लग रही थी। प्रिन्सिपल मिस्टर, राकेश ठीक 9 बजे आ गए, उन्हे सोफे पर बैठा कर उनसे इधर उधर की बातें करने लगी, अब मैंने देखा कि उनकी निगाहे माँ की जांघो पर है, माँ भी यह जानकर और अपनी चूचियों की झलक दिखा रही थी। थोड़ी देर बाद माँ ने बोला कि में खाना लगाती हूँ, यह कहकर किचन में चली गई सर बोले कि लाओ में भी तुम्हारी हेल्प करवा देता हूँ। अब सर उठे तो मेरी नज़र उनकी पेंट पर पड़ी पेंट में उनका लंड तना हुआ था। अब मैंने देखा कि सर माँ के पीछे जा कर किचन में माँ की चूचियों को दबा रहे हैं। अब माँ ने स्माइल देते हुए कहा तुम यह क्या कर रहे हो।

प्रिन्सिपल सर : वही जो तुम्हारे साथ मुझे स्कूल में करना था।

माँ : थोड़ा इंतजार करो, मनोज है कहीं उसने देख लिया तो सब गड़बड़ हो जायगा। मैंने उसकी खीर में स्लीपिंग पिल्स मिला दी है, वो जल्दी सो जाएगा, इतना सुनकर में समझ गया था कि मुझे सुलाने की पूरी तैयारी है। माँ ने खाना टेबल पर लगा दिया, तभी राकेश सर ने कहा कि में ज़रा फ्रेश होकर आता हूँ, तुम मनोज को खाना खिला दो और इतना कह कर बाथरूम में चले गए, तभी मैंने खाना खा लिया लास्ट में माँ खीर लेकर आई तो मैंने टीवी देखने के बहाने से खीर का बाउल हाथ में ले लिया। इतने में सर की आवाज़ आई कि इंदु साबुन कहाँ पर रखा है, माँ बेडरूम में गई और में अपने बाथरूम में जहाँ पर जाकर मैंने खीर टॉयलेट में डालकर जल्दी से आकर सोफे पर बैठ गया था और टीवी देखने लगा था माँ और मिस्टर राकेश टेबल पर आकर बैठ गये थे।

Loading...

हमारे टीवी स्टेंड में एक कांच लगा है जिससे माँ और सर मुझे साफ दिखाई दे रहे थे, तभी मैंने देखा कि सर और माँ पास पास बैठ गए है, सर का एक हाथ माँ की जांघ पर है तभी माँ ने पलट कर मेरी और देखा और संतुष्ट हो गई की में टीवी देख रहा हूँ। अब माँ ने ख़ाना खाते खाते अपनी साड़ी ऊपर कर दी जिससे सर का हाथ उनकी चूत तक पहुँच गया था, माँ ने अपना एक हाथ सर के लंड पर रख दिया और ऊपर से दबाने लगी फिर माँ ने सर से पूछा कि आपको खाना कैसा लगा? तभी सर ने कहा बहुत अच्छा, तुम्हारा घर भी बहुत अच्छा है यह कह कर उन्होने अपनी उंगली उनकी चूत में डाल दी।

तभी माँ ने एक हाथ से उन्हे मेरी तरफ इशारा किया था और मना कर दिया बोली कि सर आपने मुझे मॉडर्न टीचिंग टेक्नीक सीखाने का बोला था।

तभी मैंने माँ को बोला मुझे नींद आ रही है में सोने जा रहा हूँ।

माँ : ठीक है बेटा, अपने कमरे कि लाइट ऑफ कर देना में भी अभी थोड़ी देर में आ कर सोउंगी।

प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश : लगता है स्लीपिंग पिल्स ने अपना काम कर दिया है।

माँ : हाँ सर मुझे भी यही लगता है।

मैंने अपने कमरे में जाकर लाईट और डोर बंद कर डोर होल से ड्राइंग रूम की हरकतों को देखने लगा। मैंने देखा कि सर ने माँ को अपनी और खीँच कर किस करने लगे, अब माँ भी साथ देने लगी थी।

प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश : साड़ी के ऊपर से चूचियाँ दबाते हुए बोले अंजू ने सही कहा था तुम भी अंजू की तरह बहुत हॉट हो।

में सोचता हूँ की तुम्हे टीचर की बजाए अपने ऑफीस में रख लूँ मौका मिलने पर तुम दोनो को एक साथ चोदूं। माँ बोली यह भी ठीक है प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश ने अब माँ की साड़ी हटाकर ब्लाउज के ऊपर से चूचियाँ दबाते हुए एक हाथ से साड़ी के ऊपर से चूत सहला रहे थे और माँ सर का लंड हाथ से दबाने लगी थी कि तभी माँ ने बोला कि।

माँ : अपने बेडरूम में चलते है, वहाँ पर हम आराम से करेंगे, यहाँ ठीक नहीं है।

प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश : हाँ जानेमन, आज रात में पूरे घर में तुम्हे चोदूंगा।

माँ : हँसते हुए मैंने कब मना किया है, पूरी रात क्या पुरा दिन भी तुम्हारा है। लेकिन पहले बेडरूम में चलो, वहाँ पर आराम से जो चाहो वो करना, अब माँ और प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश बेडरूम की और चले गए। अब में भी डोर से हटकर लेफ्ट पर जा कर लेट गया था और मैंने अपनी आँखे वेंटिलेटर पर लगा दी थी, मैंने देखा कि माँ और मिस्टर राकेश बेड के किनारे पर बैठ कर एक दूसरे को लिप किस कर रहे है, अब माँ का एक हाथ सर की पेंट की चैन खोलेने की कोशिश कर रहा है।

मिस्टर राकेश : पहले अपना सामान दिखाओ फिर में दिखाऊंगा।

तभी माँ बेड से उठकर खड़ी हो गई थी और अपनी साड़ी उतार दी सर ने पीछे से आकर माँ को पकड़ लिया और उनकी चूचियों को दबाने लगे।

माँ : उउफफफ्फ़ कितनी जोर से दबा रहे हो दर्द होता है, क्या इन को उखाड़ दोगे।

मिस्टर राकेश : ये कितने टाईट हैं तो फिर तुम्हारी वो कितनी टाईट होगी।

माँ : वो क्या।

मिस्टर राकेश : तुम्हारी चूत।

माँ : हें राम रे, तुम्हे शरम नहीं आती है क्या?

मिस्टर राकेश : मुझे तो बहुत आती है पर तने हुए लंड की और इशारा करते हुए लेकिन इसे नहीं आती है।

माँ : चलो इसको तो में ठीक कर दूंगी।

फिर माँ ने मिस्टर राकेश की टी-शर्ट उतार दी सर ने भी बिना देर करे माँ का ब्लाउज उतार दिया और पेटिकोट का नाडा खोल दिया। अब माँ ने ही अपना पेटिकोट उतार कर सर की पेंट उतारने की नाकाम कोशिश करने लगी, (यह काम इतनी तेज़ी से हुआ की में भी हैरान हो गया था) क्योंकि लंड टाईट होने के कारण पेंट खोलने में परेशानी हो रही थी। मिस्टर राकेश भी समझ गये तो उन्होने खुद अपनी पेंट उतार दी। अब मैंने देखा कि माँ ग्रीन कलर की नेट वाली ब्रा और पेंटी पहनी हुई है उसमे से माँ के निप्पल और बूब्स, फूली हुई चूत दिखाई दे रही थी।

अब मैंने सर की और देखा तो सर का लंड अंडरवियर को फाड़ कर निकलना चाहता था, तभी माँ ने झुककर सर का अंडरवियर उतार कर उनके लंड को आज़ाद कर दिया था, मिस्टर राकेश ने माँ की ब्रा और पेंटी बहुत तेज़ी से उतार दी। माँ ने सर का दस इंच का लंड देखा और मैंने भी देखा तो लगा कि आज गांड फट गई माँ की चूत का भोसड़ा बन जाएगा, माँ ने उनके लंड को बड़ी मुश्किल से पकड़ा और हाथ में पकड़ कर बोली

माँ : हें राम कितना बड़ा है, लगता है आदमी का नहीं है किसी घोड़े का है, आज यह तो मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा।

प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश : अरे तुम चिंता मत करो एक बार ले लो तो बार बार कहोगी, तुम्हे मालूम है कि बड़ा है तो अच्छा है, तुम ज़रा इसको चूसो ना।

अब माँ ज़मीन पर बैठ गई और लंड को अपने मुहं में लेने की कोशिश करने लगी। अब में सोचने लगा था कि आज तो माँ का मुहं भी फट जाएगा। लेकिन में गलत था, माँ ने धीरे धीरे करके आधे से ज्यादा लंड मुहं में लेकर मुहं को आगे पीछे करके चूसने लगी थी। अब मुझे समझ में आने लगा कि मेरी माँ तो पक्की छिनाल है जो लंड के लिए कुछ भी करेगी।

प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश बोले : उफफफफफ्फ कितना अच्छा चूसती है तू, आज तूने तो अंजू रांड को भी पीछे छोड़ दिया है।

मैंने देखा कि लंड पर बहुत सारे थूक के कारण लंड चमक रहा है। तभी मिस्टर राकेश ने माँ को फर्श से ऊपर उठाकर माँ को बेड पर लिटा दिया और खुद माँ की बगल में लेट कर माँ की लेफ्ट बूब्स को पीने लगे और माँ की राईट चूची को दबाने लगे थे, माँ ने अपना एक हाथ मिस्टर राकेश के सर पर रखा और दबाने लगी और दूसरे हाथ से अपनी लेफ्ट चूची को पिलाने लगी। माँ के मुहं से उफफफ्फ़ आअहह कितना अच्छा चूसते हो पूरा दूध पी जाओ की आवाज़ आ रही थी। अब लगभग दस मिनट चूसने के बाद मिस्टर राकेश ने माँ की टांगो को चौड़ा कर दिया और माँ के ऊपर मुहं पर किस करते हुए चूत तक किस करने लगे।

माँ ने अपनी जांघे चौड़ी कर दी तो उन्होने अपना मुहं पास किया और चूत अपने मुहं में लेकर चूसने लगे और एक उंगली चूत में डालकर आगे पीछे करने लगे माँ भी गांड उठाने लगी और मुहं से सिसकारियां निकालने लगी।

माँ : उउफफफफफफ्फ़ ऊओुचह कितना मज़ा रहा है लगता है, मिस्टर राकेश ने अपना मुहं चूत से उठा कर बैठ गए और मुहं को पोछते हुए कहा कितनी टेस्टी है तुम्हारा रस, लगता है कि में रात भर चूसता रहूँ, लेकिन अब मेरा लंड तुम्हारी चूत में जाना चाहता है।

माँ : कोई बात नहीं है मेरे राजा, मेरी चूत तो कभी भी चूस लेना अभी तो मेरी चूत भी तुम्हारे घोड़े जैसे लंड के लिए तड़प रही है।

माँ : हाँ में पिल्स पर हूँ कंडोम में मज़ा नहीं आता तुम मुझे जल्दी से चोदो, अब रहा नहीं जाता लेकिन धीरे धीरे डालना अपने घोड़े जैसा लंड.. नहीं तो में मर जाउंगी।

प्रिन्सिपल मिस्टर राकेश ने अपना लंड माँ की चूत पर टीका कर एक धक्का मारा मैंने देखा कि लगभग तीन चार इंच घुस गया है माँ के मुहं से आवाज़ आई

माँ : आअहह ज़रा धीरे से डालो।

मिस्टर राकेश अब थोड़ा सा लंड आगे पीछे करने लगे थे और माँ की चूची को कुछ देर तक चूसते रहे, माँ को भी मज़ा आने लगा था यह देखकर उन्होने एक धक्का और मारा मैंने देखा कि उनका लंड आठ इंच अंडर घुस गया है।

माँ : उफफफफ्फ़ ज़रा धीरे करो।

मिस्टर राकेश भी फिर धीरे धीरे कुछ देर तक स्ट्रोक्स लगाने लगे और हाथों से चूचियों को दबाने लगे। मैंने देखा कि अब माँ को बहुत मज़ा आने लगा था, मिस्टर राकेश के लंड पर माँ के पानी से लंड बड़े आराम से घुस रहा था और माँ ने अपने चूतड़ उछालना चालू कर दिया था।

Loading...

माँ : कितना मज़ा आ रहा है, तुम्हारे लंड मे बहुत दम है, अभी और कितना बचा है।

मिस्टर राकेश : बस तोड़ा सा ही है और यह कह कर एक ही झटके मे पुरा लंड माँ की चूत मे डाल दिया था। अब तो जबरदस्त तरीके से मिस्टर राकेश ने चोदना चालू कर दिया था, वैसे माँ भी पीछे नहीं हट रही थी, मिस्टर राकेश और माँ मोनिंग कर रहे थे।

माँ : डाल दो राजा पूरा डालो, मेरी चूत का तो आज कीमा बना दो, चूत का भोसड़ा बना दो, बहुत दिनो बाद चूत को लंड मिला है।

मिस्टर राकेश : क्या कसी हुए चूत है रंडी तेरी, आज में चोद चोद कर भोसड़ा बना दूँगा, तुझे तो में अपनी रंडी बना कर रखूँगा. अब आसन बदल ले घोड़ी बन, मेरे घोड़े जैसे लंड के लिए। माँ तुरंत बेड पर घोड़ी बन गई, मिस्टर राकेश ने पीछे से आकर माँ की चूत मे अपना लंड टिकाया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसेड़ दिया। माँ के मुहं से जोरदार आवाज़ निकली “उउई माँ में मर गई लेकिन मिस्टर राकेश ने ज़ोर से पकड़ा हुआ था और वो धीरे धीरे शॉट्स मारने लगे। अब थोड़ी देर बाद माँ भी कमर हिला हिला कर तेज़ी से लंड ले रही थी। पुरे रूम में फच फच की आवाज़ मोनिंग के साथ गूँज रही थी। मैंने देखा कि माँ का पानी कम से कम दो तीन बार निकल चुका था, लेकिन दोनो में से कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था। तभी अचानक मिस्टर राकेश बोले में अब झड़ने वाला हूँ तभी माँ ने कहा कि मेरी चूत मे ही डालो। अब मैंने देखा कि मिस्टर राकेश फुल स्पीड मे शॉट लगाने लगे और वीर्य को माँ की चूत को भरने लगे थे।

अब मैंने देखा कि मिस्टर राकेश सर माँ के ऊपर ही लेट गये थे और लगभग पांच मिनट के बाद सर ने अपना लंड माँ की चूत से निकाला और बोले क्या तुम्हे मज़ा आया? तभी माँ ने हाँ कहा, मैंने देखा कि चूत से लंड निकलते ही ढेर सारा सफ़ेद पानी चूत से निकला। अब में समझ गया यही वो पानी है जिसको पाने के लिए माँ तड़प रही थी। अब सर बेड से उठे और बाथरूम चले गये और फिर थोड़ी देर बाद बाथरूम से आए। अब सर का लंड फिर से खड़ा था। माँ ने सर से मुस्कुराते हुए पूछा कि यह तो फिर से खड़ा हो गया है।

सर बोले जानेमन यह तो रात भर तुम्हे चोदने के बाद भी खड़ा रहेगा सर ने माँ को कहा कि में अब तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ। तभी माँ ने करवट लेकर अपनी गांड आगे कर दी, फिर मिस्टर राकेश सर ने पूछा कि क्या तुमने गांड का मज़ा पहले लिया है।

माँ : हाँ मुझे इसमे बहुत मज़ा आता है, पर तुम्हारा लंड बहुत मोटा और लंबा है, एक काम करो इस पर वेसलीन लगा लो, मैंने देखा कि माँ ने वॅसलीन ड्रेसिंग टेबल से लाकर सर को दी।

सर ने वेसलीन को माँ की गांड के छेद पर मलने लगे और एक उंगली में वेसलीन लाकर माँ की गांड के अंदर करने लगे फिर थोड़ी देर बाद दो उंगली घुसेड़ दी। मैंने देखा कि माँ को मज़ा आने लगा है। मिस्टर राकेश सर ने माँ से कहा कि तुम घोड़ी बन जाओ। माँ तुरंत घोड़ी बन गई, मैंने देखा कि माँ की गांड का छेद थोड़ा खुल गया है और चमक रहा है, तभी सर ने अपने लंड पर भी वेसलीन लगाई और माँ की गांड पर अपना लंड टिकाकर डालना चालू कर दिया, एक ही शॉट मे लगभग आधा लंड घुस गया था, माँ के मुहं से उईईमा मर गैइइ उूुउफफ्फ़ बड़े ही जालिम हो, एक झटके में ही पूरा लंड घुसा दिया, थोड़ा थोड़ा घुसा देते तुम्हे ऐसी क्या जल्दी है.. में कही भागी नहीं जा रही हूँ।

मैंने देखा कि मिस्टर राकेश सर ने धीरे धीरे लंड डालना चालू कर दिया.. थोड़ी देर तक इसी तरह से डालने के बाद मैंने देखा कि उनका पूरा लंड माँ की गांड मे घुस गया है और उनकी जांघ माँ की चूत से टकरा रही है.. उन्होने एक हाथ आगे बड़ाया और चूची दबाने लगे और दो उंगली माँ की चूत में डालकर आगे पीछे करने लगे जिसके कारण माँ को डबल मज़ा आने लगा था।

तभी माँ बोली : आहहाआहह बहुत मस्त चोदते हो उउफ़फ्फ़ आज तक इतना मज़ा कभी भी नहीं आया, में तो तुमसे रोज चदवाउंगी। मेरी और ज़ोर ज़ोर से गांड मारो जब तक मेरी गांड फट ना जाए मारते रहो। हे राम कितना शानदार चोदते हो, मज़ा आ गया। मैंने देखा कि माँ भी अपनी गांड पीछे ज़ोर ज़ोर से हिलाकर धक्के मार रही थी, जब सर का लंड बाहर निकलता तो माँ भी अपनी गांड आगे कर लेती और जब लंड घुसता तो ज़ोर से धक्का मार देती। अब दोनो की स्पीड बहुत तेज हो गई, सर ने भी जोर से चोदना चालू कर दिया था, मिस्टर राकेश चोदते हुए आहहाहह क्या माल है तू तो पूरी छीनाल है लगता है तू तो अंजू रांड को भी पीछे छोड़ देगी, क्या मस्त होकर चुदवाती है, कितनो से चुदवाती हो.. माँ बोली आहहह याद नहीं है लेकिन तुमसे अच्छा चोदने वाला अब तक नहीं मिला है। पूरे रूम में फच फच फच और आअहह आहह उईईईईई उफफफफ्फ़ की आवाज़ से गूँज रही थी। मुझे लगा कि यदि मैंने स्लीपिंग पिल्स खा भी ली होती तो भी मेरी नींद खुल जाती। हो सकता है कि हमारे पड़ोसी भी चुदाई की आवाज़ सुन रहे होंगे, मैंने देखा कि सर और माँ ने बहुत ज़्यादा स्पीड बड़ा दी है।

सर बोले इंदु रांड़ में अब झड़ने वाला हूँ कहाँ पर डालूं.. माँ ने कहा कि मेरी गांड मे भर दो। अब अचानक सर ज़ोर ज़ोर से झटके खाने लगे। अब में समझ गया की माँ की गांड में वीर्य भर गया है। मैंने देखा कि अब दोनो झड़ गये और माँ के ऊपर ही थोड़ी देर तक लेटे रहने के बाद मिस्टर राकेश सर ने जब लंड माँ की गांड से अपना लंड निकाला तो गांड में से सफेद पानी निकल पड़ा और माँ का छेद खुला हुआ मुझे साफ दिखाई दे रहा था, माँ थोड़ी देर तक वैसे ही पड़ी रही।

दोनो ही शायद अब थक गये थे, दोनो ही अब एक दूसरे को चूम रहे थे कभी कभी सर माँ की चूची दबा भी देते थे और कभी चूस लेते थे। थोड़ी देर तक चुम्मा चाटी करने के बाद माँ बाथरूम में फ्रेश होकर आई तो माँ ने सर की और देखकर स्माइल दी सर ने स्माइल के साथ बोला इंदु तुम बहुत ही सेक्सी हो लगता है कि तुम्हे में रात दिन चोदता भी रहूँ तो भी मेरा मन नहीं भरेगा।

इस पर माँ ने कहा कि तुम्हे मना किसने किया है, लेकिन तुम चुदाई के बहुत एक्सपर्ट हो, मेरी जैसी बहुत सी छीनाल को चोदते हो। तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी.. कोई भी सामान्य औरत तो तुम्हारी चुदाई से मर जाएगी।

मिस्टर राकेश हँसने लगे उनका लंड अब दोबारा भी चोदना चाहता था। माँ बेड पर बैठ गई और सर के लंड को अपने हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी।

मिस्टर राकेश सर बोले तुम जोर से चूसो तभी यह खड़ा होगा, माँ ने सर के लंड को अपने मुहं मे लेकर चूसना चालू कर दिया और फिर देखते ही देखते लंड फिर से हुंकार भरने लगा। मिस्टर राकेश सर ने बोला अब तुम मेरे ऊपर आ जाओ और मुझे चोदो, अब माँ तुरंत सर के लंड को एक हाथ में पकड़ कर दोनो टाँगे चौड़ी कर ऊपर आ गई, मैंने देखा माँ ने लंड को अपनी चूत पर रख कर बैठने लगी आधा लंड घुसने के बाद अब माँ धीरे धीरे आगे पीछे होने लगी।

मिस्टर राकेश सर ने उन्हे अपनी और खीँच लिया और उनकी चूची पीने लगे, ऐसा लग रहा था कि सर सारा दूध पी जाना चाहते हो, अब धीरे धीरे माँ ने चुदाई की स्पीड बड़ा दी, अब तो पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया था।

थोड़ी देर बाद बहुत ज़्यादा स्पीड, दोनो की मोनिंग और फच फच की आवाज़ के बाद माँ बोली में झड़ रही हूँ, मिस्टर राकेश सर भी बोले मेरा भी निकलने वाला है। थोरी देर बाद दोनो का पानी निकल गया था और थोड़ी देर बाद दोनों एक दूसरे पर ही बहुत देर तक पड़े रहे फिर उठे और एक दूसरे से लिपट कर सो गये थे।

दोस्तों अब रात को उन दोनों ने उठकर कई बार चुदाई की लेकिन चुदाई से दोनों में से एक भी नहीं थके, इस तरह की चुदाई अब हर रोज होने लगी.. कभी स्कूल में और कभी घर पर माँ हमेशा स्कूल में सर के रूम मे ही घुसी रहती थी और कई घंटो तक चुदवाती थी। में उन दोनों को देखता रहता था और मजे लेता था ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


sexy sotory hindimummy ki suhagraatsex ki hindi kahanihinde sex estorehindi font sex storieshinde sex khaniaankita ko chodasexy stiorysexsi stori in hindisexy stoeristory for sex hindiindian hindi sex story comdesi hindi sex kahaniyanhendhi sexsex hindi story comhindi sexy sotorihidi sexy storyhindi sex story hindi mesex hindi stories freenew hindi story sexyhindi sexy storuessaxy store in hindisexy story hindi mehinndi sexy storysx storyshinndi sexy storykamuktahindi sexy stories to readteacher ne chodna sikhayahindy sexy storysexy syory in hindisexi storijhindi sex story hindi sex storynind ki goli dekar chodadownload sex story in hindiindian sexy stories hindisexy story in hindi langaugehindi sex stokamukta comhindi sexe storihindi saxy storesex story hindi fontfree hindi sex story audiohindi sexy storihinde sxe storisex kahaniya in hindi fonthindi sexi storiesex story in hindi newsexy stroies in hindihind sexy khaniyafree hindisex storieshindi sxiyhinde sex estoresexy storiyhindi chudai story comsexy stori in hindi fontsexy adult hindi storyhinndi sexy storyhindi saxy story mp3 downloadsex khaniya in hindigandi kahania in hindihinde sax khanisexy hindi story readsexy stoy in hindihindi story saxhindi sexy setorynind ki goli dekar chodamonika ki chudaisexy story read in hindihindi sexy storieaindian sexy story in hindihindi se x storieshindi saxy kahanihindhi sexy kahanihindisex storiehindhi saxy storyhindi sexy stroiesstore hindi sexindian sex history hindisex stories hindi indiasexy stori in hindi fonthindi sex storaibhai ko chodna sikhayanew hindi sex storyhindi sex storysex stores hindi comhinde sexy sotrysexy story un hindigandi kahania in hindiindian sax storyhindi sex storewww indian sex stories comaa ke sath suhagratfree hindi sex storiessexy story in hindo