मारवाड़ी टीचर की सील तोड़ी

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प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है, में महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ और में सॉफ्टवेर इंजिनियरिंग का छात्र हूँ।  दोस्तों मुझे शुरू से ही मारवाड़ी औरते बहुत पसंद है, वो बहुत चिकनी होती है और वो गोरी भी होती है। अब में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों का ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों में उस वक्त इंजिनियरिंग के पहले साल में था और मेरे जो गणित के कोचिंग के एक टीचर थे, वो मारवाड़ी थे और में उनके घर पर कोचिंग पढ़ने जाता था। दोस्तों उनकी उम्र करीब 35 साल थी, वो अपनी बीवी के साथ रहते थे और उनके एक लड़का था, जो कि हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसको किसी ने देखा नहीं था। दोस्तों उनकी बीवी की उम्र शायद 28-30 साल होगी, लेकिन वो अपनी उम्र से छोटी नजर आती थी। फिर में जब भी उनके घर जाता था, तब वो मेरा बहुत ध्यान रखती थी। अब मेरे दिल में भी उनके लिए बहुत इज़्जत थी, लेकिन एक दिन मैंने उन्हें नहाने के बाद सिर्फ़ पेटिकोट में पहली बार देखा, और उनका वो पेटीकोट बूब्स पर बँधा हुआ था।

दोस्तों मैंने ध्यान से देखा कि उनके गोरे पैर और पिंडलियां खुली हुई थी, उनके पैर कितने गोरे और गदराए हुए थे? अब में चकित होकर उनके बूब्स को देखता ही रह गया था। फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ देखते हुए देखा और थोड़ी वो मेरी तरफ मुस्कुराई और फिर अंदर चली गयी। अब मेरा मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लग रहा था, मेरा लंड कड़क होने लगा था और में किसी तरह से अपने लंड को दबाकर बैठाने की कोशिश कर रहा था। फिर मुझसे मेरे सर ने पूछा कि क्या हुआ? क्या तुम्हें बाथरूम जाना है? तब मैंने डरते हुए कहा कि हाँ सर में जाना चाहता हूँ। फिर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम जाकर इसको बाथरूम दिखा दो। फिर तब तक वो मारवाड़ी तरीके में साड़ी पहन चुकी थी, मतलब कि पेटीकोट से लपेटकर बचा हुआ आँचल था और उनके बूब्स बड़े आकार के गले के ब्लाउज से आधे से ज्यादा दिख रहे थे। अब यह सब देखकर मेरा लंड और कड़क हो गया था और इसलिए मेरे आठ इंच के मोटे लंड को संभालना मेरे लिए बड़ा मुश्किल हो गया था। फिर में किताब को नीचे रखकर जैसे ही खड़ा हुआ तब मेरा लंड उस पजामे में टेंट बना हुआ साफ नजर आ रहा था। अब उसने यह देखा और वो बड़ी ही अदा से मुस्कुराई और मुझसे कहा कि जल्दी आओ बाथरूम इधर है।

फिर में अंदर गया, लेकिन मैंने जल्दी में दरवाजा बंद नहीं किया और अपने लंड को बाहर निकाला, लेकिन मेरा लंड अब भी ठंडा नहीं हो रहा था। अब में मुठ मारने लगा था दो मिनट में ही उसने ज़ोर की पिचकारी मारी, जो सामने दीवार पर चली गई। फिर मैंने उसको अच्छे से धोया और अपने लंड को पेंट के अंदर किया। फिर में जैसे ही पीछे घुमा, मैंने देखा कि दीवार के किनारे मेरे सर की पत्नी खड़ी हुई है, इसका मतलब उसने मुझे मुठ मारते हुए देखा था, क्योंकि वहाँ से मेरा लंड पूरा साफ नजर आ रहा था। फिर में अपना सर नीचे करके बाहर निकल आया, तब उसने धीरे से कहा कि बहुत मोटा और लंबा है और यह कहकर वो जल्दी से चली गयी। दोस्तों वैसे मुझे वो अच्छी लगती थी और वो भी मुझे पसंद करती थी, लेकिन उसके साथ सेक्स के लिए मैंने कभी भी सोचा नहीं था और मेरे सर गणित में बहुत अनुभवी थे और उनसे पढ़ने के लिए बहुत लड़के कोचिंग लगवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सिर्फ़ मुझे ही सलेक्ट किया था, क्योंकि कोचिंग पढ़ाना उन्हें पसंद नहीं था। अब वो गणित की समस्याओं को सुलझाने और कुछ अन्य समस्या को हल करने में व्यस्त रहते थे और उनकी पत्नी को यह सब पसंद नहीं था, वो तो मुझे बहुत सेक्सी लगती थी, उन्हें अच्छी चुदाई की चाहत थी और वो किसी को ढूँढ रही थी और जबकि सर को लगता था कि अब सेक्स की कोई जरूरत नहीं है।

फिर यह बातें मुझे तब पता चली जब में उनकी पत्नी के संपर्क में आया और मैंने उनकी डायरी को पढ़ा। दोस्तों मैंने यह डायरी उनके कपबोर्ड से निकालकर पढ़ी थी, उस डियारी में मेरे बारे में भी लिखा था कि में एक कमसिन लड़का हूँ और बहुत ही गरम लड़का हूँ, जो भी लड़की मुझसे चुदवाएगी उसकी किस्मत खुल जाएगी, जिस लड़की को मेरा लंड मिलेगा वो बहुत ही नसीब वाली होगी अगर मुझे मौका मिले तो में इस लड़के से एक बार जरूर चुदवाऊँगी और अपनी चूत की प्यास बुझाऊँगी। अब उसकी डायरी की यह शब्द मेरे दिमाग में घूम रहे थे और वो मुझसे चुदवाना चाहती थी, लेकिन अपने पति से डरती थी और फिर उस दिन के बाद मेरी नजर भी उनके लिए एकदम बदल गयी थी। अब में उसके उफनते हुए जवान बदन को याद करके हर दिन ही मुठ मारता था, मैंने भी सोचा कि इसको एक मौका दिया जाए, लेकिन कैसे? फिर एक दिन मैंने उन्हें मोबाईल फोन पर कॉल किया और कहा कि में आज चार बजे आऊँगा आप यह बात आप सर को बता दीजिए। दोस्तों मुझे पहले से ही पता था कि सर चार बजे पुस्तकालय जाते है और वो रात के करीब दस बजे वापस आते है। अब मैंने यह बात जानबूझ कर उसके मोबाईल पर फोन पर कहा था और यह मेरी तरफ से इशारा था, क्योंकि इसके पहले मैंने उसके मोबाईल पर कभी कोई मैसेज नहीं दिया था।

फिर जब से उसने मेरा लंड देख लिया था, तब से मैंने उसकी आँखों में भी एक तड़प देखी थी और अब में उनके घर ठीक चार बजे पहुँच गया। फिर उसने दरवाजा खोला, तब मैंने देखा कि आज उसने एक पारदर्शी साड़ी पहनी हुई थी और खुले गले का ब्लाउज पहना था, उसके गोरे बदन का आकार 34-26-36 था। अब मैंने देखा कि उसके बूब्स ब्लाउज को फाड़कर बाहर निकल रहे थे, उसका ब्लाउज आकार में छोटा था और लहंगा नाभि के बहुत नीचे बँधा हुआ था जिसकी वजह से आज उसका गोरा मुलायम पेट और पतली कमर साफ नजर आ रहे थे। अब उसका गोरा पेट और चिकनी कमर देखकर मेरा लंड हरकत में आ गया था, उसने मुझे बैठने को कहा और पानी लेने अंदर चली गयी और फिर मुझे मेरे हाथ में पानी देते हुए वो जानबूझ कर इस तरह झुकी कि उसके मदमस्त बूब्स मेरे सामने आ गए थे, उफ वो घाटी जिसको देखकर मेरी नजर फिसले जा रही थी। अब उसकी रसदार बूब्स देखकर मेरे मुँह में पानी आने लगा था। फिर वो सोफे पर मेरे करीब ही किनारे पर बैठ गयी और मैंने उनसे हिचकिचाते हुए पूछा कि सर कहाँ है? क्या आपने मेरे आने के बारे में सर को बताया है? या वो भूल गयी? तब उसने कहा कि मैंने सर को कुछ नहीं कहा, तब मैंने पूछा कि क्यों?

अब उसने कहा कि आज वो मुझे पढ़ाएँगी और यह बात कहते हुए वो अपने रसीले होंठो को अपने दाँतों से दबा रही थी और कोने में काट रही थी। अब मैंने उनको कहा कि आप मज़ाक कर रही है, तब उसने कहा कि नहीं में सही में सच कह रही हूँ। फिर मैंने उसको कहा कि आप कौन सा यूनिट सिखाएँगी? तब उसने कहा में सच बोल रही हूँ, लेकिन में तुम्हें गणित नहीं पढ़ाऊँगी यह बात उसने बड़े नटखट अंदाज़ में कही थी। अब मैंने पूछा कि फिर क्या पढ़ाओगी? वो चुप रही और मेरे करीब आ गयी उसके बाद मेरा हाथ पकड़ लिया। फिर उसने कहा कि आज तुम मेरे मेहमान हो और आज में तुम्हारी परीक्षा लेने वाली हूँ। अब मैंने कहा कि कैसी परीक्षा? तब उसने कहा कि बुद्धू मत बनो, में अच्छी तरह से जानती हूँ कि तुम मुझ पर फिदा हो। अब मुझे मालूम था कि वो भी चुदवाने के लिए बेताब हो गयी है और तैयार है। फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और खड़ी हो गयी, उसके बाद मुझे अपने बेडरूम में ले गयी उसके बाद उसने मेरे गाल पर एक चुम्मा किया और मेरी शर्ट-पेंट को खोल दिए। अब मुझे भी यह सब करने में बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। अब उसका नरम हाथ मेरे पूरे बदन पर घूम रहा था, उसने मेरी बनियान को भी उतार दिया और फिर मैंने उसका पल्लू नीचे गिरा दिया।

अब उसके बड़े आकार के रसभरे बूब्स मेरे सामने थी, में थोड़ा सा नर्वस था, लेकिन मुझे मज़ा भी बहुत आ रहा था। अब उसके नोकदार बूब्स को देखकर मेरा लंड और भी ज्यादा कड़क होने लगा था, उसके तने हुए बूब्स किसी भी मर्द को गरम कर देने लायक थे। फिर मैंने उसको अपनी छाती से लगा लिया और उसके होंठो को अपने होंठो में क़ैद कर लिया और में चूसने लगा था। अब उसके हाथ मेरी पीठ और छाती पर घूम रहे थे, उसका ब्लाउज पीछे से सिर्फ़ दो इंच का होगा, इसलिए मेरा हाथ उसकी पीठ पर घूम रहा था। फिर मैंने उसके गोल-गोल कुल्हे दबाए, तो उसके मुँह से सिसकियाँ निकल पड़ी उसके मुहं से लगातार आह्ह्ह ससस्स आईईईइ की आवाज निकल रही थी। अब में उसके होंठो को बहुत ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था, मैंने अपनी जीभ को उसके मुँह के अंदर डाल दिया वो चूसने लगी। अब उसके बूब्स मेरी छाती में दब गए थे, वो बहुत कसकर लिपटी हुई थी और मैंने पीछे से उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए। अब वो पलंग पर बैठ गई और मेरे गले और छाती को चूमने लगी थी। फिर मैंने उसको थोड़ी देर तक ऐसा करने दिया, लेकिन अब में भी गरम हो गया इसलिए मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था। फिर मैंने उसको दूर धकेला और उसका ब्लाउज उतार दिया, तब देखा कि उसने गुलाबी रंग की जालीदार ब्रा पहनी थी।

फिर मैंने उसकी ब्रा के अंदर अपनी उँगलियों को डाल दिया और उसके दोनों बूब्स को अपने हाथों में पकड़ लिया, जिसकी वजह से अब उसके दोनों बूब्स मेरे हाथों में थे। अब मैंने उसके होंठो को चूमना शुरू किया और उसके नीचे को होंठ को काट लिया, तब वो दर्द की वजह से सिसक उठी उम्म आहह। फिर मैंने उसके गले पर अपने होंठ रखे और वहाँ चूम किया और फिर अपनी जीभ से सहला दिया, मैंने देखा कि उसकी दोनों आंखे बंद हो चुकी थी और वो आहह्ह्ह ऊऊह्ह्ह की आवाज़े निकालने लगी थी। फिर मैंने उसके दोनों बूब्स के बीच में अपने होंठ रखे और थोड़ा अपनी जीभ से चाटा और फिर हल्के से अपने दाँत लगा दिए, वो इसस्स्स् ऊईईईई करके चिल्ला उठी। फिर में उसको चूमते हुए नीचे जाने लगा और फिर मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया और मैंने उसके निप्पल को अपनी उंगलियों से छेड़ा। अब वो कड़क हो गये थे, वाह उसके क्या मस्त बूब्स थे? उसको ब्रा की जरूरत ही नहीं थी, एकदम भरे हुए दूध के बर्तन थे। फिर मैंने उसके निप्पल को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा, उसने मेरा सर अपनी छाती में दबा लिया और कहा कि पूरा मुँह में ले लो, आह पूरा खालो। अब में तुरंत समझ गया कि वो भी मज़ा ले रही है और गरम हो गयी है, मैंने उसके पूरे बूब्स को अपने मुँह में लेने की कोशिश कि और फिर उसका निप्पल बड़े मज़े के साथ अपने मुँह में ले लिया।

अब में उसके दूसरी तरफ के बूब्स को सहला रहा था और उसके निप्पल को अपनी उंगली से मसल रहा था और में यह काम एक-एक करके उसके दोनों बूब्स के साथ कर रहा था। फिर में हल्के से काट भी रहा था तब वो दर्द की वजह से चिल्ला उठी थी आहह काटो मत, चूसो ज़ोर से आह्ह्ह उसका मारवाड़ी बदन बड़ा लाल हो रहा था। अब में उसके बूब्स के साथ पूरी बेदर्दी से पेश आ रहा था, मैंने उसको देख देखकर बहुत बार मुठ मारी थी, इधर मेरा लंड भी कड़क हो चुका था और बाहर आने को तड़प रहा था। फिर मैंने उसको इशारा किया, तब उसने मेरी अंडरवियर को भी पकड़कर नीचे खीच दिया और मेरा लंड उछलकर बाहर आ गया था। अब उसने कहा कि राज सच में तुम्हारा लंड बहुत मस्त है, मैंने उस दिन कहा था ना कि इतना लंबा और मोटा लंड मैंने कभी नहीं देखा है। फिर उसने मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर सहलाना शुरू किया और फिर मेरे लंड के टोपे पर चुम्मा किया और अपनी जीभ से चाटा भी और फिर उसको अपने मुँह में लेकर अपने होंठो से चूसने लगी थी। दोस्तों में आप लोगों को बता दूँ कि में एक बहुत समझदार लड़का हूँ और मेरे लंड में बहुत जोश भी है जिसकी वजह से चुदाई करने में कुछ ज़्यादा मज़ा आता है।

अब उसके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी भूखे को पकवान की थाली मिल गयी हो। अब वो बहुत आराम से मेरे लंड को चूसने लगी थी, उसके चेहरे पर कामुकता साफ नजर आ रही थी। अब वो मेरे लंड को चूस रही थी और में मज़े मस्ती के सातवें आसमान में था आहह। फिर मैंने कुछ देर बाद जोश में आकर अब उसके मुँह को धक्के देकर चोदना शुरू किया और उसने अपने होंठो को गोल कर लिया था और वो अंदर बाहर जाते मेरे लंड पर दबा रही थी, मैंने देखकर महसूस किया कि वो लंड चूसने में बहुत अनुभवी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे लगा कि मेरा लावा निकल जाएगा, तब मैंने उसका सर पीछे हटाना चाहा। अब उसने इशारे से मुझसे पूछा कि क्या हुआ? तब मैंने उसको कहा कि मेरा अब निकलने वाला है। फिर उसने इशारे से कहा कि मेरे मुँह में निकाल दो और तभी मेरे लंड से बहुत सारा वीर्य उसके मुँह में जा गिरा, तो उसने मेरे वीर्य की एक-एक बूँद को खुश होकर बड़े मज़े से चाट लिया। अब मैंने उसकी साड़ी को पूरा खोल दिया था और फिर उसके पेटीकोट का नाड़ा भी पकड़कर खीच दिया, ओह मैंने देखा कि उसने अंदर कुछ नहीं पहना था।

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फिर मैंने उसको धकेलकर पलंग पर लेटा दिया और उसकी चूत को ध्यान से देखा, उसकी चूत एकदम गुलाबी थी और वो किसी 18 साल की लड़की जैसी थी और उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने आज ही अपनी चूत के बालों को साफ किया है। फिर मैंने उसके दोनों पैर पूरे फैलाए और उसकी चूत के दोनों होंठ फैला दिए तब देखने से ऐसा लगा जैसे वो गुलाब की पंखुड़ी हो, उसकी चूत का मुँह एकदम छोटा था और मुझे थोड़ा सा शक हुआ। फिर मैंने उसको पूछा कि सर क्या तुम्हे चोदते नहीं है? तब उसने कहा कि मेरी चूत अब तक कुँवारी है। अब में कुछ भी समझ नहीं सका कुँवारी चूत और एक लड़का? लेकिन में अभी बहुत खुश हो गया था, क्योंकि उसकी वो चूत कुँवारी नहीं भी ना हो, लेकिन फिर भी एकदम टाईट चूत थी। अब वो मेरे सामने नंगी पड़ी थी, साँचे में ढाला उसका गोरा कामुक बदन मुझे पागल किए जा रहा थ और उसके बूब्स आसमान की तरफ झाक रहे थे और अपने दोनों पैर फैलाए उसकी बंद रसभरी चूत मेरे सामने थी। फिर मैंने उसकी चूत के दाने को ढूँढा और हल्के से रगड़ने लगा, तब वो इसस्स्स्स आअहह ऊफ्फ्फ्फ़ राज मुझे और मत तड़पा कहने लगी। फिर में अपना चेहरा उसकी चूत के पास ले गया आह्ह्ह उसके पेशाब और चूत रस की क्या मस्त खुशबू थी? उसकी वजह से में मधहोश होने लगा था।

अब मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ फैरी, जिसकी वजह से वो उछल पड़ी आईईईई ऊहह्ह्ह्ह करने लगी और उसकी चूत से बहुत पानी निकल रहा था और वो उसकी गांड की तरफ बह रहा था। फिर मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और उसके दोनों पैर ऊपर उठाकर बीच में बैठ गया और उसकी चूत का दरवाजा खोलकर मैंने अपनी जीभ को अंदर डाल दिया। फिर दो मिनट में ही उसकी चूत से झरने की तरह पानी बाहर निकल आया था जिसकी वजह से मेरा मुँह पूरा भर गया था और वो ज़ोर से चिल्लाई आह्ह्ह राज ओह्ह्ह मेरा हो गया आहह्ह्ह बस अब मत चाट कहते हुए वो मुझे अपनी चूत से दूर धकेलने लगी थी। अब उसकी चूत चाटते हुए मेरा लंड एक बार फिर से फनफना गया था, मैंने उसकी चूत से निकलने वाले पूरे रस को अपनी जीभ से चाट लिया। फिर ऐसा करते हुए में उसकी चूत के दाने को भी अपनी जीभ से सहला रहा था, जिसकी वजह से वो दोबारा से गरम हो गयी थी। फिर वो मुझसे कहने लगी कि अब तुम मुझे ज्यादा मत तड़पाओ में इतने सालों में बहुत तरसी हूँ, आज तुम मेरी इस प्यासी जवानी को अपना लो और इसको अंदर डालकर फाड़ दो मेरी चूत को बना दो मुझे एक पूरी औरत मेरे जिस्म की आग को शांत कर दो। फिर में वो बात सुनकर तुरंत उठ गया, तब उसने मुझसे कहा कि तू तो एकदम अनुभवी है।

दोस्तों उसको मेरा सेक्स करने का वो तरीका बहुत पसंद आया था, जिसकी वजह से वो बहुत खुश थी, में नीचे की तरफ गया और उसकी चिकनी मोटी जांघो को चूमने और चाटने लगा था। अब में दोनों तरफ बारी बारी से चाट रहा था, में उसको आज जी भरकर चोदने के विचार में था। फिर मैंने उसको पेट के बल लेटा दिया और अब उसके कुल्हे और पीठ को भी अपनी जीभ से चाटने लगा, तब मुझे पता चला कि उसके पीछे का हिस्सा और भी सेक्सी था, उसके उभरे हुए गोरे मस्त कुल्हे और उसकी घाटी चिकनी, गोरी पीठ। अब में उसकी पीठ को चूमते हुए अपने हाथ सामने लाकर उसके बूब्स और निप्पल को मसल रहा था, मुझे उसके कुल्हे चाटने और दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने हल्के से उसके कुल्हे पर काट लिया, वो दर्द की वजह से चिल्ला उठी आहह्ह्ह नहीं ऊऊईईईई और में उसके कुल्हे ज़ोर-ज़ोर से दबाए जा रहा था। अब मेरी जीभ उसके दोनों कूल्हों के बीच की घाटी में सैर कर रही थी, उसके कुल्हे इतने नरम और मुलायम थे कि मुझे उन्हें दबाने में अलग ही मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उसकी घाटी में अपना एक हाथ फैरा, देखा कि उसकी गांड का छेद भी गुलाबी था।

फिर मैंने उस छेद में अपनी जीभ की नोक घुमाई, तब वो सिहर उठी उसका मचलना बहुत ही मजेदार था। अब मैंने पीछे से उसकी फूली हुई चूत को सहलाया और अपनी एक उंगली अंदर डालने की कोशिश करने लगा था, उसकी चूत तो एकदम गीली चिकनी थी, लेकिन फिर भी उसकी चूत बहुत टाईट थी। अब मेरी उंगली के अंदर जाते ही वो थोड़ी ज़ोर से चिल्लाई आहह धीरे करो मुझे दर्द होता है। फिर मैंने उसको कहा कि यह तो उंगली है और तुम मेरा तीन इंच मोटा और आठ इंच लंबा लंड लेने के लिए तड़प रही हो, जब वो अंदर जाएगा तब तुम क्या करोगी? फिर उसने कहा कि मुझे नहीं पता मेरी चूत में आग लगी है, मेरे अंदर बहुत सारी चीटियाँ रेंग रही है। फिर मैंने उसको चूमा, में समझ गया था कि अब लोहा गरम हो चुका है, इस समय खुटा ठोक देना है। फिर मैंने उसको सीधा लेटा दिया और उसके पेट-नाभि को अपनी जीभ से चाटा और गीला कर दिया, उसके बाद मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह लगाया। अब मेरी जीभ उसकी चूत के अंदर जाकर खेल रही थी, उसकी चूत जोश मज़े मस्ती की वजह से एकदम फूलने लगी थी। अब वो भी अपनी कमर को उछाल रही थी, में अभी उसको और तड़पाना चाहता था। फिर मैंने उसकी चूत को देखा नहीं और उसके पैरों से लेकर जाँघो के हिस्से तक उसको पूरा अपनी जीभ से गीला कर दिया।

अब इस बार में उसकी चूत में नहीं बल्कि उसके चारों तरफ अपनी जीभ और हाथ से सहला रहा था। फिर मैंने देखा कि बिस्तर की चादर उसकी गांड के नीचे पूरी गीली हो चुकी थी, वो पूरी गरम हो चुकी थी और अपने दोनों पैर आपस में रगड़ रही थी, आईईईई अब सहन नहीं हो रहा है। फिर उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर मेरे लंड को अपने हाथ में लिया, मेरा लंड भी फिर से पूरे जोश में आ चुका था, इस बार वो और भी मोटा लग रहा था। फिर उसने उठकर मेरे लंड पर एक चुम्मा किया और थोड़ा चाटा। फिर उसने कहा कि सच में राज उस दिन मैंने बाथरूम में जब तुम्हारा यह प्यारा लंड देखा था तभी मैंने सोच लिया था कि में अपनी इस कुँवारी चूत की सील इसी लंड से तुड़वाऊँगी, उस दिन के बाद से में सिर्फ़ इसी लंड को अपने सपने में देखती हूँ और मेरी चूत पानी निकाल देती है। फिर मैंने कहा कि ठीक है फिर आज इसको अपनी चूत में डलवा लो और यह कहते हुए मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया और अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रगड़ा, जिसकी वजह से उसकी चूत के रस से मेरे लंड का टोपा चिकना हो जाए और फिर उसको चुम्मा किया और अपने लंड को उसकी चूत के लाल छेद पर रख दिया और थोड़ा सा धक्का दिया।

दोस्तों उसकी चूत का मुँह बहुत छोटा था और मेरा टोपा बहुत मोटा था, जिसकी वजह से वो फिसल गया। फिर में उठा और मैंने पास में रखे तेल के डब्बे से बहुत सारा तेल अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत के छेद पर भी लगा दिया। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को और चौड़ा किया और अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखकर थोड़ी ताकत से धकेल दिया। अब मेरे लंड का टोपा अंदर घुसा और वो चिल्लाई आह में मर गयी ऊऊईई आईईई ओह अब बाहर निकालो इसको यह इतना मोटा नहीं जाएगा, आह्ह्ह्ह राज बस अब नहीं। फिर मैंने कहा कि निकाल लूँ, तो वो मेरी तरफ देखने लगी, उसकी आँखों में आँसू थे एक 28 साल की औरत और एक 22 साल का लड़का चुदाई के वो मस्त मज़े कर रहे थे जिसकी वजह से वो अब दूसरी दुनिया में थे। अब मेरा लंड तो लोहे की तरह खड़ा हो गया था और मैंने उसको चुम्मा किया। अब वो मुझसे कहने लगी कि में अब कितना भी चिल्लाऊँ? तुम आज, लेकिन मेरी चूत को ऐसे ही धक्के देकर फाड़ देना मेरे दर्द की तरफ बिल्कुल भी ध्यान मत देना, बिना रुके चुदाई करते ही रहना। फिर मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए जिसकी वजह से वो ज़ोर से चिल्ला ना सके उसकी आवाज बाहर ना आए।

अब में समझ गया था कि वो सच में कुँवारी ही है, मैंने अपनी कमर को सीधा किया और अपने लंड को पूरी ताकत के साथ अंदर धकेल दिया तब मेरा लंड दो इंच अंदर चला गया। अब वो उस दर्द की वजह से बिलबिला उठी और तड़पने लगी थी, लेकिन मैंने उसका मुँह नहीं छोड़ा था, लेकिन तभी मैंने महसूस किया कि उसकी चूत के अंदर कुछ मेरे लंड को अंदर जाने से रोक रहा है, शायद इतनी बड़ी उम्र होने के कारण उसकी चूत का पर्दा मोटा हो गया था। फिर मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर खीचा और पूरी ताकत से एक झटका मार दिया। अब उसकी चूत के पर्दे को ककड़ी की तरफ फाड़कर मेरा लंड पांच इंच अंदर हो गया और उसी समय उसकी चूत ने खून की उल्टी कर। तभी वो दर्द से तड़पी और फिर बेहोश जैसी हो गयी, जिसकी वजह से में बहुत डर गया था और अब में उसको चूमने लगा था। फिर करीब पांच मिनट तक ऐसे ही रहने के बाद वो होश में आ गई, लेकिन अब उसकी आँखों में पानी और चेहरे पर दर्द था। फिर थोड़ी देर के बाद जब उसका वो दर्द कुछ कम हुआ, तब मैंने दोबारा अपनी तरफ से हल्के-हल्के धक्के लगाने शुरू किए, जिसकी वजह से उसको अब बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था।

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फिर मैंने उसको पूछा कि अब क्या तुम्हे दर्द कम हुआ? तब उसने कहा कि हाँ और फिर मैंने वो जवाब सुनकर खुश होकर अपने लंड को बाहर खीचा और एक करारा झटका देते हुए अपने पूरे लंड को जड़ तक उसकी चूत में डाल दिया। अब वो दोबारा से चिल्लाई ऊईईईईई माँ में मर गयी आईईईईई अब बस भी करो मुझे बड़ा तेज दर्द है, लेकिन अब भी मेरे धक्के चालू थे और फिर चार-पांच मिनट के बाद उसने भी दर्द कम होते ही अपने कुल्हे उछालते हुए धक्के मारने शुरू किए। अब उसकी चूत से पानी निकलने लगा था और मेरे लंड को भी अंदर बाहर होने में बड़ी आसानी हो रही थी, फिर में उसको ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था। अब वो भी मुझसे कह रही थी और ज़ोर से हाँ फाड़ दो मेरी चूत को मुझे माँ बना दो, मैंने उसको पूछा कि अगर तुम कुँवारी थी तो फिर वो लड़का किसका है जिसको तुमने हॉस्टल में पढ़ाई के लिए रखा हुआ है? तब उसने कहा कि वो उसकी बड़ी बहन का लड़का है जिसकी एक सड़क हादसे में मौत हो गयी और उसके पति ने कुछ समय बाद दूसरी शादी कर ली और इसलिए एक साल के बच्चे को उसने गोद ले लिया था। अब वो अपने बच्चे की माँ बनना चाहती है, राज आज तुम मेरे पेट में भी एक बच्चा दे दो, आहह क्या मस्त मज़बूत लंड है और फिर वो मुझसे चिपकने लगी।

अब आहह मेरा निकलने वाला है, मुझे उसने कसकर पकड़ लिया और फिर वो झड़ गयी। तभी मुझे मेरे कंधे पर से कुछ गरम बहता हुआ महसूस हुआ, मैंने अपने एक हाथ से देखा तब पता चला कि वो खून था। दोस्तों अब उसकी चूत की सील टूट चुकी थी और तभी उसने दर्द की वजह से अपने नाख़ून से मेरी पीठ पर घाव बना दिया था और वही से खून निकल रहा था। अब यह देखकर मुझे और भी जोश आ गया था और फिर मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया, उसकी चूत को इस तरह की चुदाई की उम्मीद नहीं थी और उसकी चूत एकदम लाल हो गयी थी। फिर मैंने उसकी कमर और कुल्हे को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और उसकी चूत में अपना लंड डाले हुए ही सीधा लेट गया और उसको मैंने अपने ऊपर खीच लिया। फिर मैंने उसको कहा कि अपनी गांड ऊपर नीचे करो और अब वो तुरंत वैसे ही करने लगी थी, उसके इस तरह से उछलने की वजह से उसके मस्त बूब्स मेरे मुँह के सामने उछल रहे थे। अब मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों बूब्स को पकड़कर मसला और उसके निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था, वो लगातार झड़ रही थी। अब मेरे आंड भी उसकी चूत के पानी से गीले हो चुके थे।

फिर थोड़ी देर के बाद वो थककर मेरी छाती पर लेट गयी, मैंने बिना चूत से लंड निकाले दोबारा से उसको अपने नीचे कर लिया और खीचते हुए पलंग के किनारे ले आया। अब उसकी चूत के नीचे एक तकिया लगाया, में खुद नीचे खड़ा हो गया और उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रख लिए इस बार मेरे धक्के बहुत ही तूफ़ानी थे। अब वो चिल्ला रही थी, क्या मस्त लंड है? वाह आज तो मेरी चूत की किस्मत खुल गयी, मारो और ज़ोर से ऊह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह में गयी ऊऊईईईईई और वो दोबारा से झड़ गयी। अब मेरा भी झड़ने का समय हो गया था, तब मैंने उसको पूछा कि में झड़ने वाला हूँ इसको में अब कहाँ निकालूँ? तब उसने कहा कि तुम इसको मेरी चूत के अंदर ही भर दो और मुझे माँ बना दो राज तुम्हारे मज़बूत लंड से मुझे गर्भवती कर दो, में तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ। फिर मैंने पांच जबरदस्त धक्के मारे और अपने लंड को उसकी बच्चेदानी के मुँह पर पहुंचाकर अपने लंड से फव्वारा चला दिया, वाह क्या जबरदस्त पिचकारी थी? अब उसने अपने दोनों पैर मेरी कमर पर जकड़ दिए थे और वो मुझसे चिपक गयी थी। अब मेरे लंड की गरम पिचकारी के साथ वो भी झड़ चुकी थी, हम दोनों कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे।

फिर में उठा और अपने लंड को बाहर खीचा, वो खून और दोनों के रस से लथपथ हो गया था और उसकी चूत वो तो अपना मुँह खोले सब माल बाहर निकाल रही थी, उसका आकार एकदम गोल हो गया था। फिर मैंने उसको कहा कि बाथरूम में चलते है, तब उसने यह बात सुनकर उठने की कोशिश कि और फिर आअहह ऊऊईईई करते हुए वो दोबारा लेट गयी। अब मैंने देखा कि उसके दोनों पैर कांप रह थे, मैंने उसको सहारा देकर उठाया और देखा कि तब तक शाम के 6 बज चुके थे। फिर हम दोनों बाथरूम में जाकर नहाधोकर फ्री हुए और अब उसकी नंगी जवानी को देखकर मेरा लंड दोबारा से चुदाई के मज़े लेने के लिए तैयार होने लगा था। फिर उसने साबुन से मेरे लंड को साफ किया, उसका हाथ लगते ही वो फिर से फड़फड़ाने लगा था। अब हम दोनों बाथरूम से वापस कमरे में लौटे और पूरे नंगे ही पलंग पर लेट गये। फिर मैंने उसको रात के 9 बजे तक और दो बार अलग-अलग आसन में चोदा और एक बार तो उसको रसोई में टेबल पर बैठाकर अपने लंड पर झूला भी झूलाया। दोस्तों उस पहली चुदाई के बाद से में उसको चोदने के लिए हर दिन ठीक चार बजे उसके घर चला जाता और फिर मैंने उसको चोदकर दो बार गर्भवती किया, लेकिन उसके पति के डर की वजह से उसको सफाई करवानी पड़ी।

फिर तीसरी बार उसने किसी तरह से अपने पति से चुदवाया और मेरे बच्चे को जन्म दिया, जो कि आज पांच साल का है। फिर उसने मुझसे कहा था कि यह तुम्हारी गुरु दक्षिणा है अपने गुरु के लिए, उसके बाद हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला, तब हम दोनों ने चुदाई का भरपूर आनंद लिया और बहुत मज़ा किया।

दोस्तों यह था मेरा पहला सेक्स अनुभव और एक प्यासी औरत को चोदकर माँ बनाने का मज़ेदार रोचक सफर जिसके हम दोनों को बड़े मज़े आए हम दोनों ने एक दूसरे का पूरा पूरा साथ दिया ।।

धन्यवाद …

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