मेरा यार निकुंज

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प्रेषक : निकुंज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम निकुंज है, में दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 28 साल है और मेरी लम्बाई 5.7 इंच है। दोस्तों में आज अपनी पहली कहानी अपना सेक्स अनुभव कामुकता डॉट कॉम पर लिखकर भेज रहा हूँ और में आशा करता हूँ कि आप भी को मेरी यह कहानी बहुत पसंद आएगी। दोस्तों में अब इस कहानी में आप सभी को बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी एक गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार सेक्स किया? और वैसे यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था जिसमे मैंने उसकी जमकर चुदाई के मज़े लिए थे। दोस्तों में अपने आगे के सेक्स अनुभव के बारे में आप भी को बाद में बताऊँगा। दोस्तों यह बात उस समय की है, जब में बी.एस.सी कर रहा था, जब में एक कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था तभी उन्ही दिनों मेरी दोस्ती काजल नाम की लड़की से हुई, वो ज़्यादा सेक्सी नहीं थी, लेकिन वो अपने शरीर को बहुत सम्भालकर रखती थी और वो दिखने में बहुत अच्छी लगती थी। दोस्तों जब एक दिन में पहली बार उसके साथ हमारे कॉलेज की कैंटीन में बैठा हुआ था, तब उसके बूब्स को देखकर मुझे कुछ होने लगा था। अब सच में उसके बूब्स तो मुझे ऐसे लग रहे थे जैसे कि कोई पानी से भरा हुआ गुब्बारा मेरे सामने हो और मेरा मन कर रहा था कि में उसके बूब्स को वहीं रेस्टोरेंट पर चूसना, रगड़ना शुरू कर दूँ, लेकिन में वहाँ पर उस समय कुछ नहीं कर सका, क्योंकि दिन में कैंटीन में सब लोग आतेजाते रहते थे।

अब मैंने उसी समय उसको चोदने की बात को अपने मन में ठान लिया था और फिर समय के साथ-साथ हम मिलते रहते थे और धीरे-धीरे पहले से ज्यादा पास आने लगे थे। दोस्तों हमारे कॉलेज की कैंटीन में शाम के समय बड़ा सन्नाटा रहता है और काले शीशे लगे होने की वजह से बाहर से दिखता भी नहीं था। फिर एक दिन में उसके साथ शाम को कैंटीन में बैठा हुआ था और मुझे याद है, तभी पहली बार मैंने उसको चुम्मा किया था, सच में वो इतनी रसीली लगी कि मैंने उसके होंठो को 10-15 मिनट तक लगातार चूसा था। फिर पहले मैंने उसके गाल पर चुम्मा किया और फिर धीरे से उसके दूसरे गाल पर अपना एक हाथ रखकर उसका चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठो पर भी एक चुम्मा किया। अब मैंने अपनी कुर्सी उसकी कुर्सी के ठीक सामने रखी और उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर उसके ऊपर वाले होंठ को अपने मुँह में लेकर चूसा और फिर थोड़ी देर के बाद उसको छोड़ दिया, उउउम्म वाह दोस्तों क्या कहूँ? कितना अच्छा लगा था मुझे वो सब करने में मज़ा आ गया कसम से। फिर मैंने अपनी कुर्सी उसके पास में लगाई और उसको अपनी गोद में लेटा लिया और उसके चेहरे को ऊपर करके में उसके ऊपर झुक गया और अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए।

अब में उसके ऊपर वाले होंठ को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था और फिर अपनी जीभ से उसके होंठो को चाटा और फिर धीरे से उसके नीचे के होंठ को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब उसका मुँह थोड़ा सा खुल गया और मैंने अपनी जीभ को उसके मुँह में डाल दिया और इधर उधर हिलाकर उसका मुँह अंदर से चाटने लगा था। दोस्तों मुझे गीला सा मीठा सा वो एहसास क्या मस्त मज़ेदार लग रहा था? अब मेरे हाथ उसको यहाँ वहाँ सहला रहे थे और वो मेरे गले में अपन एक हाथ डालकर मेरी गोद में लेटी हुई थी। फिर धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके बूब्स पर फैरना शुरू किया, तब वो एकदम से मचल उठी और फिर उसने भी कसकर मेरे होंठो को चूसना शुरू कर दिया और वो मेरी जीभ को भी चूसने लगी थी। फिर बहुत देर तक में उसके होंठो को और जीभ को चूसता रहा और साथ ही में उसके बूब्स और उसके पूरे बदन को अपने हाथों से मसलता रहा। तभी अचानक से हमे ऐसा लगा जैसे कोई हमारी तरफ आ रहा है और वो डर की वजह से उठकर कुर्सी पर ठीक से बैठ गयी और में भागकर पास वाले काउंटर से ठंडा लेने चला गया। फिर जब में कुछ देर बाद वापस लौटकर आया तब मैंने देखा कि वो उस समय अपना मुँह नीचे करके बैठी हुई थी और वो बहुत शरमा रही थी।

अब में समझ गया था और उसके पास जाकर मैंने उसका एक हाथ पकड़ा और उसके हाथ पर चुम्मा किया और फिर बिना कुछ बोले हम वहाँ से चले गये। फिर उसके बाद एक दिन हम दोनों फिल्म देखने चले गये, मैंने दो टिकट ली और फिर हम दोनों पीछे की सीट पर जाकर बैठे और फिल्म देखने लगे। दोस्तों वो फिल्म थोड़ी सी पुरानी थी और इसलिए वहाँ पर ज़्यादा भीड़ नहीं थी। फिर थोड़ी देर में फिल्म शुरू हुई, मैंने उसके कंधे पर अपना एक हाथ डालकर उसका सर अपने कंधे पर रख लिया और फिर हम दोनों फिल्म देखने लगे, थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ हिलाया और में उसकी मुलायम गर्दन को सहलाने लगा। अब उसने मेरी तरफ मुड़कर मुझे बड़ी ही प्यारी सी एक मुस्कान दी, मैंने उसके गाल पर चुम्मा किया और उसका चेहरा अपनी तरफ करके एक लंबा चुम्मा किया। फिर थोड़ी देर में उसको भी मज़ा आने लगा और अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी। फिर उसने मुझे अपनी तरफ खीचा और मुझे कसकर जकड़ लिया, उसके बाद वो मेरे होंठो को चूसने लगी जिसकी वजह से मुझे मस्त मज़ा आने लगा था। अब मैंने उसको और भी ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया जिसकी वजह से उसके बूब्स मेरी छाती को छुकर दबने लगे थे।

फिर मैंने उसकी शर्ट के ऊपर से उसके बूब्स को दबाना और रगड़ना शुरू किया और थोड़ी ही देर के बाद मैंने उसकी शर्ट के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को बहुत जमकर दबाया और फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया, उस समय उसने कहा कि प्लीज ऐसा मत करो। अब मैंने कहा क्यों? तभी वो कहने लगी कि मुझे बहुत शरम आ रही है। फिर मैंने उसको कहा कि इसमे शरम वाली क्या बात है? यार थोड़ी देर मस्ती करेंगे और फिर हमें यहाँ देखने वाला कौन है? और फिर मैंने उसकी पीठ पर अपना एक हाथ रखकर घिसना सहलाना शुरू किया, जिसकी वजह से उसको भी मज़ा आने लगा। फिर में धीरे-धीरे अपना एक हाथ उसके बूब्स पर ले आया, उसको और भी मज़ा आने लगा और फिर उसने अपने हाथों से मुझे अपनी तरफ खीच लिया और वो मेरे साथ लिपट गयी और मुझसे कहने लगी कि ठीक है आज कर लो जो भी करना है। फिर मैंने उसकी शर्ट को ऊपर किया और उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और वो अपने दोनों हाथों को मेरे बालों में फैरने लगी और मेरे सर को ज़ोर से अपने बूब्स की तरफ दबा दिया। अब उसको कुछ-कुछ होने लगा था जिसकी वजह से वो मधहोश होने लगी थी और मुझसे कहने लगी कि निक में तुम्हारे बिना नहीं रह सकती हूँ, में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।

दोस्तों में उस फिल्म को कभी भी नहीं भूल सकता और अब जब भी में उस फिल्म को टी.वी पर देखता हूँ तो मुझे वो द्रश्य याद आ जाता है। फिर हमारा जीवन उसी तरह आराम से हंसी खुशी चलता रहा और अब हमारी फोन पर बातें होती रहती है और अब धीरे-धीरे हमारे बीच फोन पर सेक्स भी शुरू हो गया। दोस्तों फोन पर सेक्स करने का मज़ा ही अलग था, एक दूसरे को फोन पर चुम्मा करना, वो सेक्स करना और मन ही मन सोचना कि हम एक दूसरे के साथ है और सेक्स कर रहे है। एक दिन मैंने उसको फोन किया और थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने के बाद मैंने उसको बोला कि तुम मेरे पास मेरे पलंग पर आ जाओ। अब वो कहने लगी कि आंखे बंद करो और देखो में तुम्हारे पास ही तो हूँ, हम दोनों ने बहुत खुश होकर फोन सेक्स किया, पहले फोन पर चुम्मा लिया और फिर उसके साथ सेक्स की बातें कि। फिर जब वो गरम हो गयी तो वो मुझसे कहने लगी कि निक बस करो, अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है प्लीज बस करो। अब मैंने उसको पूछा कि अभी तो क्या हुआ? अभी तो शुरू हुआ है। फिर धीरे-धीरे मैंने उसको एक-एक करके कपड़े खोलने को कहा, वो कहने लगी कि मुझे शरम आ रही है।

अब मैंने उसको कहा कि अगर तुम्हें फोन पर शरम आ रही है, तो तुम सामने क्या करोगी? फिर मैंने बड़े प्यार से उसको कहा कि पहले तुम अपनी शर्ट को खोलो और फिर मैंने उसकी ब्रा को भी खुलवा दिया। फिर उसके बाद मैंने उसको कहा कि अपने बूब्स पर अपना हाथ फैर और उसने वैसा ही किया, मैंने उसकी पेंट को भी खुलवा दिया और उसके बाद उसकी पेंटी को भी खुलवा दिया। अब जब वो नंगी हो गयी, तो फिर क्या था? अब में भी जोश में आ गया था, मैंने धीरे-धीरे उसको एहसास कराया कि जैसे में उसके पास हूँ। अब वो कहने लगी कि प्लीज निक तुम अभी के अभी मेरे पास आ जाओ, प्लीज अब मुझे मत तड़पाओ, में अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती हूँ। फिर मैंने उसको कहा कि समझ में तेरे पास ही हूँ और उसको कहा कि अपनी उंगलियों को मेरा लंड समझ ले और उसको अंदर बाहर कर, जैसे चुदाई करते है। अब इधर में भी जोश में आ गया और अपने लंड को पकड़कर मुठ मारनी शुरू कर दी। अब जैसे-जैसे में जोश में आ रहा था, वैसे-वैसे उसको भी जोश आ रहा था और में उसको कह रहा था कि काजल और तेज और तेज, मुझे मज़ा नहीं आ रहा। फिर वो और भी जोश में आ जाती और अब उसके मुँह से आवाज़े निकल रही थी आह्ह्ह्हहह ऊहहह्ह्ह बस और नहीं इतनी ज़ोर से मत करो निक में मर जाऊँगी।

अब उसकी आवाज में वो दर्द और मज़ा मुझे बहुत मज़ा दे रहा था, कुछ देर के बाद वो कहने लगी कि मेरा पानी निकल गया और अब इधर में भी झड़कर शांत हो गया था। फिर एक दिन उसने मुझसे अचानक ही एक ऐसी बात बोली कि वो बात सुनकर मेरी तो जैसे किस्मत ही खुल गयी थी। दोस्तों उसने मुझसे कहा कि निक मैंने किसी अन्य तरीके से सोचना शुरू कर दिया है और अब मेरे दिमाग में कुछ बुरी चीजें आ रही है, अब में हमेशा तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ और हर एक और सब कुछ करना चाहती हूँ, जो हम कर सकते है और में प्यार की सभी सीमाओं को पार करना चाहती हूँ और में अपने आपको एक पूर्ण महिला बनाना चाहती हूँ। दोस्तों यह बात उसके मुहं से सुनकर में तो मस्त हो गया और झट से बोला कि जब भी तुम चाहो वो सब ठीक ही होगा तुम तैयार होतो मेरी तरफ से भी तुम हाँ ही समझो। फिर कुछ दिन के बाद मैंने उसको फोन किया और कहा कि चलो आज कहीं घूमकर आते है। अब वो तुरंत बोली कि हाँ चलो, में थोड़ी देर में तैयार होकर अभी आती हूँ और फिर वो कुछ देर में आ गई। दोस्तों वो उस दिन सच में कोई मॉडल से कम नहीं लग रही थी, इसलिए में उसकी सुंदरता को देखकर बड़ा चकित मन ही मन बहुत खुश भी था।

फिर मैंने उसको पूछा कि बताओ अब हमे कहाँ चलना है? अब वो कहने लगी कि कहीं भी चलो जहाँ तुम्हारा मन हो तुम मुझे वहीं पर ले चलो। फिर मैंने उसको कहा कि चलो आज में तुम्हे अपने एक बहुत अच्छे दोस्त के घर ले चलता हूँ और वैसे भी वहाँ पर आज कोई भी नहीं है, चलो हम वहीं चलते है वहाँ जाकर हम एक दूसरे के साथ अपना यह समय बिताएँगे। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर झट से तैयार हो गयी, वो चेहरे से बहुत खुश नजर आ रही थी। फिर मैंने भी मन ही मन में सोचा कि चलो आज मेरे पास बहुत अच्छा मौका है और अपने मन के सभी काम करने के लिए में बहुत दिनों से बड़ा ही उतावला हुआ जा रहा था, लेकिन भगवान ने मेरे मन की बात को सुनकर मुझे उस दिन वो मौका दे ही दिया। फिर मैंने अपनी मोटरसाईकिल को चालू किया और मैंने उसको अपने पीछे वाली सीट पर बैठाया और खुश होता हुआ अपनी मंज़िल की तरफ चल पड़ा। दोस्तों सच बताऊँ उस दिन वो पांच किलोमीटर का रास्ता मुझे साला ऐसा लग रहा था कि जैसे कई घंटो से ख़त्म ही नहीं हो रहा हो। फिर थोड़ी देर के बाद हम वहाँ पहुँच ही गये, उसके बाद हम दोनों गाड़ी को एक तरफ खड़ी करके अंदर चले गये और मैंने देखा कि उस समय मेरा दोस्त घर में अकेला ही था।

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दोस्तों मैंने अपने दोस्त को पहले ही समझा दिया था कि अपने साथ अपने प्रेमिका को लेकर उसके घर आ रहा हूँ। फिर वो उसी समय हमे अपने घर में बैठाकर हमारे लिए कुछ लेने के बहाने बाहर चला गया और अब हम दोनों उस घर में अकेले हो गये। फिर पहले तो हम दोनों ने कुछ देर इधर बातें करते रहे और फिर कुछ देर बाद उसने मुझे चाय बनाकर पिलाई और अब क्या था? मैंने सही मौका पाकर उसके एक हाथ को पकड़कर झटका देकर अपने पास खीच लिया और फिर उसको मैंने अपनी बाहों में जकड़ लिया और अब मैंने उसको रगड़ना शुरू कर दिया। फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर सोफे पर लेटा दिया और फिर में उसी के पास में लेट गया। दोस्तों वो सोफा जिसके ऊपर हम दोनों बैठे थे, वो पलंग की तरह चौड़ा तो था नहीं, इसलिए ज्यादा ही चिपककर लेटने में मुझे मस्त मज़ा आ रहा था। फिर धीरे-धीरे हम दोनों गरम होकर एक दूसरे को चूमते, चूसते हुए एक एक करके अपने कपड़े उतारने लगे और मैंने उसके बूब्स को दबाना चूसना शुरू कर दिया। अब तो मेरे इतना सब करने की वजह से उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी और वो कहने लगी कि निक तुम बहुत अच्छे हो जानू प्लीज ऐसा मत करो, आह्ह्हहह ऊफ्फ्फफ्फ् निक आज तुम इनको खा जाओ, यह कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहे थे? आज तुम इन दोनों को खा जाओ इनका रस पी जाओ और इनका सारा दूध बाहर निकाल दो।

दोस्तों जोश में आकर उसके मुहं से यह सभी बातें कुछ देर बाद निकलने लगी थी और में उसका वो जोश देखकर बड़ा खुश चकित भी था और सच कहूँ तो उसके मुलायम बड़े आकार के बूब्स इतने मस्त थे जैसे वो कोई रूई का गोला हो, इसलिए मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। अब हम दोनों ज़ोर-ज़ोर से चूमना चाटना करने लगे थे और फिर कुछ देर बाद उसने अपनी जीभ को मेरे मुँह में डाल दिया और अब उसको भी बहुत मस्त मज़ा रहा था और उसके मुँह से सिसकियों की आवाज़े निकल रही थी वो मुझसे कहने लगी थी उऊहह आह्ह्ह स्सीईईईइ प्लीज बस भी करो, वरना में मर ही जाऊँगी। फिर उसने बताया कि उसकी पेंटी के अंदर अब कुछ कुछ होने लगा है। अब मैंने उसको पूछा कि क्या होने लगा है? और पेंटी के अंदर कहाँ हो रहा है? तब उसने मेरी अंडरवियर के ऊपर अपना एक हाथ रखकर बोला कि यहाँ। ऊफफफफफ्फ अब उसका हाथ लगते ही में जैसे जन्नत में पहुँच गया था और मेरे मुँह से निकल गया हट साली कहाँ हाथ लगा रही है? में झड़ जाऊंगा। अब वो बोली कि अरे-अरे क्या हुआ? करंट लगा क्या? फिर मैंने उसको बोला कि में तुझे अभी दिखाता हूँ, रुक क्या हुआ था? और फिर मैंने उसके निप्पल को अपने एक हाथ से पकड़ा और चुटकी में लेकर निचोड़ दिया।

अब अपना दूसरा हाथ मैंने उसकी जींस में से ले जाकर उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी चूत को निचोड़ दिया, जिसकी वजह से वो सस्स्स ऊईईईई करके रह गयी। दोस्तों तब मुझे पता चला कि उसकी क्या मस्त गीली-गीली चूत थी? अब मुझे तो बस ऐसा लगने लगा था कि बस सामने आ जाए हटा दो हर पर्दा। फिर मैंने उसको सोफे पर बैठाया और में उसके सामने घुटने के बल बैठकर उसको चूमना शुरू किया और फिर धीरे से उसके गालों को सहलाना शुरू किया और नीचे उसकी गर्दन तक अपनी उंगलियाँ ले गया। अब वो अपनी आंखे बंद करके मस्ती में झूम रही थी, मैंने उसकी शर्ट के बटन एक-एक करके खोलने शुरू किए और आगे बढ़कर उसके बूब्स पर अपनी जीभ को फैरने लगा और फिर धीरे से उसकी शर्ट को उतार देने के बाद मैंने उसको अपने बदन से चिपका लिया और में उसकी गर्दन से लेकर उसके पूरे बूब्स पर अपनी जीभ से चाटने लगा था। फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ पीछे ले जाकर उसकी ब्रा के हुक को खोल दिए और अब ब्रा को उसके कामुक बदन से अलग कर दिया। दोस्तों मेरे सामने अब क्या मस्त बूब्स लटक रहे थे? एकदम कसे हुए, बिल्कुल गोलमटोल पानी से भरे गुब्बारे की तरह नजर आ रहे थे। फिर मैंने उसके निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया और अपना एक हाथ उसके गोरे मुलायम पेट से पीठ तक और उसके पूरे बदन पर फैरने लगा था।

अब उसने मस्ती को पाकर अपना बदन पूरा ढीला छोड़ दिया और वो बिल्कुल निढाल होकर मेरे ऊपर लेट गयी थी। फिर मैंने उसको सोफे पर पीछे की तरफ धकेल दिया और उसकी जींस का बटन और चैन को में खोलने लगा था, तब मुझे उसके पेट का निचला हिस्सा नजर आने लगा था। फिर में वहाँ भी अपनी जीभ से चाटने लगा और धीरे से उसकी जींस को नीचे सरका दिया। फिर में उसकी गदराई हुई जांघो को चाटने लगा और उसको चूमने प्यार करने लगा था और धीरे-धीरे में उसकी चूत की तरफ बढ़ गया। फिर जैसे ही मैंने अपनी जीभ को थोड़ी आगे बढाकर उसकी जांघो के अंदर के हिस्से तक पहुँचाया, तभी उसने सिसककर अपनी गांड को पीछे उचका लिया। अब मैंने पीछे अपने हाथ डालकर उसके कूल्हों को पकड़ लिया और में उसकी चूत पर चुम्मा करने लगा। अब मेरे होंठ उसकी चूत पर लगते ही तो जैसे वो करंट खा गयी और अपनी गांड को उचकाकर मेरे सर पर मारने लगी और वो उछलकर खड़ी हो गयी। अब मैंने उसको पूछा कि क्या हुआ? तब उसने कुछ नहीं बोला और बस बड़ी बेशरम नजरों से वो मुझे देखते हुए उसने मुझे सोफे पर धक्का दे दिया और मेरी गोद में आकर अपने दोनों पैर मेरी कमर के दोनों तरफ करके बैठ गयी। अब मुझे अपनी जींस के ऊपर से ही अपने लंड पर उसकी मस्त गीली चूत का एहसास होने लगा था, जिसकी वजह से में भी अब बड़ा मस्त हो गया।

फिर उसने मुझे यहाँ वहाँ चूमना शुरू किया, मुझे गर्दन पर अपनी जीभ से चाटा और धीरे-धीरे मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी और मेरी शर्ट खोलते हुए उसने अपनी उंगलियाँ मेरी छाती पर फैरी और अपनी जीभ से मेरे पूरे चेहरे को चाटने लगी और मेरे होंठ चूसने लगी और फिर मेरी शर्ट के सारे बटन खोलकर अलग कर दी और मेरी छाती से लगकर मेरे पेट के निचले हिस्से तक अपनी जीभ से चाटा और फिर घुटने के बल नीचे बैठकर मेरी जींस की चैन खोली और जींस के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को सहलाने लगी थी। अब में तो बस अपनी आंखे बंद करके अपनी गर्दन ऊपर करके मज़े ले रहा था, मुझे पता था कि पहली बार है अगर में उसकी तरफ देखूँगा, तो वो शरमाएगी और अपने आप कुछ नहीं करेगी। फिर यह सभी बातें सोचकर में बस अपनी आँखे बंद किए मज़े ले रहा था, धीरे से उसने मेरा लंड बाहर निकाला और उस पर चूमना शुरू किया और फिर बटन खोलकर मेरी जींस को उतारने लगी। अब मैंने भी अपनी गांड को उचकाकर उसको उतारने दिया उसके बाद उसने मेरी अंडरवियर को भी उतार दिया और अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो चुके थे। फिर बस मैंने उसको बोला था कि अपनी सैंडल मत उतारना, अब वो सिर्फ़ सैंडल पहने थी और मैंने कुछ भी नहीं पहना था।

फिर उसने मेरी जांघो पर अपनी जीभ फैरना शुरू किया और धीरे-धीरे ऊपर आते आते मेरे लंड के बिल्कुल पास से होकर ऊपर मेरे पेट पर चाटने लगी। अब मुझे लगा कि बस में अभी उसी समय झड़ जाऊंगा, साला इतना मस्त लग रहा था। फिर उसने मेरे लंड को अपने एक हाथ में पकड़ा और धीरे से ऊपर नीचे करके हिलाया, तो मेरा थोड़ा सा वीर्य निकला और वो उसको चाटने लगी थी। फिर उसने मेरे टोपे के चारों तरफ अपना मुँह गोल करके अपने होंठ रखे और एक मस्त सा चुम्मा दिया और फिर वो मेरे पूरे लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी और फिर धीरे-धीरे चूसना शुरू किया। अब मुझे तो उसके यह सब करने की वजह से जन्नत का असली मज़ा आने लगा था, में झट से उठा और उसको सोफे के हत्थे पर गर्दन रखकर इस तरह से लेटा दिया कि उसका मुँह उल्टा होकर नीचे लटक गया। फिर में पीछे गया और झुककर उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया और फिर धीरे-धीरे धक्के देकर मैंने उसके मुँह को चोदना शुरू किया। अब वो भी अपनी दोनों आँखों को बंद करके बस लंड अंदर बाहर होने का मज़ा ले रही थी। फिर मैंने थोड़ी देर तक उसके मुँह को चोदा और फिर में झड़ने लगा, तब उसने अपना मुँह पीछे हटाना चाहा, लेकिन मैंने उसके चेहरे को कसकर पकड़ा था और फिर में उसके मुँह में ही झड़ गया।

फिर वो बाथरूम में भागने लगी, लेकिन मैंने उसको पकड़ लिया और बोला कि रूको अपना मुँह खोलो, तब उसने अपना मुँह खोला, मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसके मुँह में डालकर अपना वीर्य निकाला और उसके बूब्स पर मल दिया और रगड़ रगड़कर सुखा दिया और फिर थोड़ा सा वीर्य निकाला और उसकी चूत पर लगा दिया और अपनी एक उंगली को डालकर अंदर बाहर करने लगा और एक उंगली उसके मुँह में डालकर उसके थूक और अपने वीर्य से खेलने लगा था। अब उसको इतना मज़ा आने लगा था कि उसने अपने आप ही मेरा वीर्य अपने मुँह से नीचे गटक लिया था। फिर मैंने उसको सोफे पर लेटा दिया और मैंने उसके दोनों पैरों के बीच में जाकर उसकी चूत को चाटना शुरू किया। फिर जब में नीचे गया तब मैंने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, उसने कहा कि प्लीज आज ऐसा कुछ करो जिसको वो कभी नहीं भूल पाए। फिर मैंने खुश होकर उसको सीधा लेटा दिया और उसकी चूत पर चुम्मा किया, तब उसके मुँह से आहह हट जाओ प्लीज कुछ हो रहा है ऊफ्फ्फ्फ़ निकल गया। अब मैंने कहा कि रूको तो सही अभी और मज़ा आएगा और वो तड़पती रही। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने महसूस किया कि उसकी पकड़ मेरी बाहों में मज़बूत हो गयी है और जब तक में समझता वो झड़ गयी और फिर मैंने उसकी चूत का रस चाटना शुरू कर दिया।

अब वो अपने मुँह से अजीब सी आवाज़े निकाल रही थी और अपनी कमर को उठाकर अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाती जा रही थी। फिर थोड़ी देर तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने उसकी गांड पर भी अपनी जीभ फैरी और थोड़ी देर वहाँ भी चाटा और साथ में उसकी चूत में फिर से अपनी एक उंगली को डाल दिया। अब वो तो पागल सी होने लगी थी और बोली कि उउम्म निक प्लीज मुझे ऐसे ही चोदते रहो, चाटो और ज़ोर से चूसो मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है प्लीज। फिर थोड़ी देर और चूमने, चाटने के बाद में उसके पास में लेट गया, मैंने पहली बार किसी लड़की को झड़ते देखा था, उसकी पिचकारी एक मीटर दूर तक गयी। अब उसका एक हाथ मेरे लंड पर गया, जो सरिये की तरह तनकर खड़ा था। फिर मैंने उसकी चुदाई शुरू करने की बात सोची और उसको समझाया की पहले-पहले दर्द होगा, लेकिन फिर तुम्हे बहुत मज़ा आएगा और तुम थोड़ा सा सहन कर लेना। फिर वो मेरे इतना कहने पर मान गयी और फिर में उसके ऊपर आ गया और अपने लंड को मैंने उसकी चूत पर सेट किया और थोड़ी देर तक वहीं पर रगड़ा। फिर मैंने एक धक्का मारा, तो उसकी चूत गीली होने की वजह से मेरा लंड तीन इंच एक ही झटके में अंदर चला गया और वो दर्द की वजह से चीखने लगी।

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अब उसकी आँखों से आँसू भी बाहर आ गये थे, तब मैंने तुरंत उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उसका मुँह बंद कर दिया और धीरे-धीरे उसके होंठो को चूसने लगा और फिर थोड़ी देर तक धक्का नहीं लगाया। अब मैंने उसके बहते आँसूओं को चूम लिया और प्यार से उसके माथे पर अपना हाथ फैरा, तब उसको थोड़ा आराम मिला और उसने कहा कि अब आराम-आराम से करो। फिर मैंने धक्के लगाना शुरू किया और मज़े लेने लगा। अब उसको भी मज़ा आने लगा था और वो बड़बड़ाने लगी थी ओह्ह्ह्ह लग रहा है ऊऊईईईईई ऊफ्फ्फ्फ़ चोद दो और ज़ोर से आईई में तुम्हारी पत्नी हूँ आह्ह्ह्ह मारो आआहह और फिर वो मेरे बालों को सहलाते हुए अपनी गर्दन को उठाते हुए फिर से बोली कि आह्ह्ह्ह निक प्लीज आह्ह्ह्ह मारो और ज़ोर से और ज़ोर से मारो में तुम्हारी रंडी हूँ और इसलिए तो में तुमसे चुदवा रही हूँ, मारो ऐसे ही आहह्ह्ह। अब मैंने उसको कहा कि हाए मेरी जान क्या बात है? अभी तो तुम ऐसे शरमा रही थी और अब, अच्छा ठीक है अब तुम्हें मस्त करके चोदता हूँ और फिर धीरे-धीरे मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया और करीब पांच मिनट रुककर धक्के मारने लगा। अब मेरा लंड और अंदर जाने लगा था और पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया। अब उसकी सील टूट चुकी थी और खून आना शुरू हो गया था।

दोस्तों उसकी क्या मस्त टाईट चूत थी? अब शुरू-शुरू में मुझे भी बहुत दर्द हुआ था, लेकिन बाद में सब ठीक था। फिर मैंने इस तरह से उसको करीब बीस मिनट तक चोदा और वो इस दौरान दो बार झड़ चुकी थी, थोड़ी देर और उसको चोदने के बाद में उसको बाथरूम में ले गया और उसको घोड़ी बनाकर मैंने उसकी चुदाई करना शुरू किया। अब में बहुत तेज गति से उसको लगातार धक्के देकर चोद रहा था और उसके बूब्स से भी खेल रहा था और वो झड़ती रही और उसका चूत रस टप-टप करता हुआ गिरता रहा। अब इस आसन में मैंने उसको करीब तीस मिनट तक चोदा होगा और फिर में भी झड़ने वाला हुआ तो तब मैंने उसको बताया। अब उसने कहा कि में भी झड़ने वाली हूँ, लेकिन तुम अपना वीर्य मेरी चूत के अंदर मत छोड़ना और फिर पांच मिनट तक चोदने के बाद वो झड़ गयी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उसको लेटा दिया और मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया, थोड़ी देर के बाद में झड़ने लगा और फिर मैंने अपना सारा वीर्य उसके पेट पर निकाल दिया, मेरे लंड से करीब आधा कटोरी वीर्य निकला होगा।

फिर मैंने अपना लंड उसके पेट पर फैरना शुरू किया और अपना वीर्य अपने लंड पर लपेट लिया और अब मेरा लंड जो कि पूरा गीला हो चुका था और मेरे गाढ़े रस में लिपटा हुआ था, उसको उसके मुँह के पास ले जाकर बोला कि जानू चाट लो तुम इसको। फिर वो बड़े प्यार से मज़े लेकर मेरे लंड के चारों तरफ अपनी जीभ को फैरकर मेरा सारा वीर्य चाटने लगी। फिर हम दोनों कुछ देर नहाए और फिर उसको पता नहीं क्या हो गया? और उसने दुबारा से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से में दोबारा से गरम हो गया और फिर मैंने उसको करीब एक घंटा और चोदा। फिर उस दिन वो मुझसे करीब दो घंटे तक चुदी और सात बार झड़ी। फिर उस दिन के बाद से हम लोग अक्सर कहीं भी, कभी भी चुदाई करने लगे और एक दूसरे को वो चुदाई के मस्त मज़े देकर खुश लगे, कभी मुँह में, कभी हाथ में और कभी बूब्स पर या पीठ पर। फिर कुछ महीनों के बाद वो किसी दूसरे शहर चली गयी और मुझे उसकी बहुत याद आई ।।

धन्यवाद …

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