प्यासी मौसी की चूत की खुजली – 1

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प्रेषक : बहादुर

में आज आपको अपनी लाइफ की ऐसी कहानी बता रहा हूँ जिसको मेरे अलावा किसी को नहीं पता है। दोस्तों मेरा नाम राजू है, मेरी उम्र 22 साल है, हाईट 5.10” है और में हेल्थी लड़का हूँ, हम लोग बिहार के रहने वाले हैं। दोस्तों बात ऐसी है कि मेरी एक मौसी है, जो मेरी मदर की अपनी कज़िन सिस्टर (चचेरी बहन) है, मौसी का नाम बबिता है, उनकी उम्र 35 साल है और वो बहुत ही सेक्सी है, उनकी बॉडी अच्छी थी चूचियां बड़ी बड़ी, कमर पतली और गांड चौडी थी। उनकी हाइट 5’3” है। वो बहुत गोरी और खूबसूरत हैं। 11 साल उनकी शादी के हो चुके हैं।

मेरी मौसी बहुत ही बातूनी किस्म की है, वो मुझसे सात साल ही बड़ी हैं और मुझे अपनी गोद मे खिला चुकी हैं। उनका हमारे घर मे अक्सर आना जाना होता रहता है। जब भी वो आती है तो आज भी तो वो मुझे देखते ही मेरे प्राईवेट पार्ट (लंड) पर अपना हाथ फेर देती हैं दूसरो से आँख बचा कर, में इतना बड़ा होते हुए भी चुपचाप बर्दाश्त कर लेता था और सबके सामने सुनाती है कि मैने तुम्हे अपने हाथो से कितने बार नहलाया है और तुम्हारे बदन पर तेल लगाया है और मेरे कान मे कहती थी कि प्राइवेट पार्ट (लंड) पर भी लगाया है और में शरमा जाता था।

उनका घर हमारे घर के नज़दीक था इसलिए उनका और हम लोगो का एक दूसरे के घर आना जाना लगा रहता था। मुझे जब फ्री टाइम सुबह और शाम होते ही में उनके यहाँ चला जाता और उनसे बातें करता था, लगभग मेरा रोज का आना जाना था और बहुत देर तक रहता था क्योंकि अंकल ऑफीस रहते थे और उनका एक लड़का है, जो दस साल का है जो स्कूल, कोचिंग और खेलने कूदने मे बहुत व्यस्त रहता था। इसलिए मौसी मुझे ज़्यादा से ज़्यादा देर रुकने को कहती थी क्योंकि वो घर पर अकेली हो जाती थी, हम बहुत बातें करते थे और एक दूसरे से और भी फ्रेंक हो गये थे। मेरा उनके यहाँ जाने का कोई समय नहीं था। में कभी भी चला जाता था। वो अपने घर के काम को करती रहती थी और हमारी गपशप चलती रहती थी। में तो मेरी मौसी की आदतो से वाक़िफ़ था जो मुझे हमेशा परेशान करती थी।

जब में उनसे बात करता था तो वो बार बार अपने हाथो से मुझे सहलाती रहती, अपनी चूचियों को ब्रा से बार बार थोड़ा फ्री करती रहती थी और एक बात ऐसी थी कि उनका लेफ्ट हाथ हमेशा उनके पजामे के अंदर ही रहता वो ऊपर देख कर बात करती नीचे अपनी चूत खुजाती रहती और पूरी अच्छी तरह से उंगली करती और मुझे बहुत बुरा फील होता था लेकिन में सहन रहता था और वो मुझे देख कर सेक्सी स्माइल देते रहती थी।

सबसे स्पेशल बात तो ये थी कि उनके हर पजामें मे चूत की पोज़िशन पर एक छेद जरुर था, मैने कपड़े वॉश और ड्राई करते वक़्त नोटीस किया था। उनको साड़ी और सलवार सूट दोनों बहुत अच्छे लगते थे वो ज़रूरत के हिसाब से ड्रेस पहनती थी। जब वो झाड़ू लगाती थी तो सिर्फ़ मेरे सामने चुन्नी नहीं लेती थी और अपनी चूचियों का मुझे दर्शन कराती। वो बैठ कर झाड़ू लगाती और पीछे से सूट को ऊपर उठा लेती जिससे उनके पीछे से गांड दिखती थी और मेरी अंदर बिजली दौड़ने लगती थी।

अब मेरा लंड पेंट के अंदर खड़ा होने लगता था, कपड़े धोते समय तो मज़ा आ जाता था उनके पूरे कपड़े भीगे हुए होते थे, जो उनके बदन पर चिपके होते थे जो पूरे शरीर को फिगर आउट करते थे और उनके निप्पल दिखने लगते थे, उनकी नाभि भी दिखती थी, में रोज़ ये लम्हा मिस नहीं करता था, वो कपड़े धोने के बाद नहा कर सीधे निकलती थी, अगर साड़ी पहनना है तो ब्लाउस और पेटिकोट मे या फिर सलवार सूट पहनना है तो सिर्फ़ सूट पहन कर बाथरूम से निकलती थी।

बाकि कपड़े बेडरूम मे आकर पहनती थी। साड़ी वाले दिन उनके ब्लाउज से निप्पल और नाभि पूरे खुले पेट के साथ देखता और सलवार-सूट वाले दिन उनके निप्पल और जांघे और पूरे पैर देखता। वो मेरे सामने ही कपड़े चेंज करती या पहनती थी। अगर मैं वहाँ होता हूँ तो उन्हे कोई प्रोब्लम नहीं थी, वो अपनी तरफ से मुझे पूरा सिग्नल करती थी। लेकिन में डरता था कि कोई देख लेगा कभी। इसी तरह एक दिन में उनके घर गया।

मैने देखा कि उनके घर का दरवाज़ा की कुण्डी खुली थी और वो बेसुद होकर सोई हुई थी, उस दिन उन्होने साड़ी पहनी थी और नींद मे थी और उनकी साड़ी पूरी जाँघ तक उठी हुई थी, अब में बेडरूम मे गया, तो मुझे देख कर शरम आ रही थी लेकिन मेरा तो लंड पेंट के अंदर खड़ा होने लगा, मुझे देख कर बहुत मज़ा आ रहा था, मैने उन्हे आवाज़ दी और कंधे पर मारा की उठो अभी सोई क्यों हो तो वो उठी उन्हे बुखार था और इतनी बेसुद थी कि झपकी लेते हुए उन्होने कपड़ो को ठीक भी नहीं किये और पलटी मार कर बेड पर बैठ गयी थी।

जिससे उनकी दोनो जांघे दिख रही थी एक दम साफ। अब मैने उन्हे मेडिसिन दी और वो फिर सो गयी और में उनके रूम मे टीवी देखने लगा था। फिर वो 1:30 घंटे बाद उठी पूरी पसीने मे लथपथ थी। उन्होने कहा कि उनकी सलवार सूट अलमारी से निकाल कर दे दो, फीवर तो उतर गया था लेकिन उनको जोरो का कमर दर्द था।

इसलिए उठ कर बैठ नहीं पा रही थी इसलिए उन्होने मुझे कपड़े चेंज करने मे मदद करने को कहा और तभी मैने उन्हे उठा कर बैठाया उन्होने खुद ही साड़ी निकाल दी, ब्लाउस निकाला ब्रा उन्होंने नहीं पहनी थी, तो मैने उन्हे सूट ऊपर से पहना दिया, फिर उन्हे सलवार पहनाया और उनका पेटिकोट उतार लिया, इतने मे मैने पूरे दुर्लभ दर्शन किये, जिसके बारे मे मैने कभी सोचा भी नहीं था कि में अपने हाथो से ऐसा कुछ करूँगा और मैने बाथरूम मे जाकर मुठ मारी और में वापस टीवी देखने लगा कि तुरंत पांच मिनट हुए ही नहीं थे की मौसी ने आवाज़ दी, मैने पूछा क्या हुआ तो उन्होने कहा कि मुझे बाथरूम जाना है,

में उनको पकड़ कर बाथरूम ले गया और दरवाज़े पर छोड़ दिया, अब में बाहर खड़ा था कि शायद उन्हे सहारे की ज़रूरत हो शायद उन्हे पेशाब करना था, अब मैने देखा कि ब्लड पेशाब के साथ आ रहा था में समझ गया कि उनका पीरियड चल रहा होगा, फिर भी मैने पूछा की ये ब्लड कहाँ से निकल रहा है सब ठीक है ना, मौसी कुछ नहीं बोली और थोड़े देर के बाद बाथरूम से निकली हंसते हुए मैने पूछा इतना ब्लड निकला फीवर भी है क्या प्राब्लम है।

तभी उन्होंने कहा कि ऐसा सब लड़कियों के साथ होता है, में बोला फिर भी इतना ब्लडिंग हुआ है, मौसी बोली हाँ इतना होता है हर महीने, फिर मैने उन्हे बेड पर ले जाकर लेटा दिया, मौसी बोली इसीलिए मुझे फीवर हुआ है दो तीन बार से ऐसे ही हो रहा है, फिर उन्होंने इधर उधर की बातें की वो बोली कि कल मुझे ये अलमारी दूसरे रूम मे शिफ्ट करनी है, बेडरूम से हॉल मे निकालनी है मैने कहा ठीक है। दूसरे दिन में जब आया तो रूम मे रास्ता साफ करके रखा था शिफ्टिंग के लिए।

अलमारी बहुत भारी थी इसलिए एक दो लोगों को और बुलाया था मौसी ने, हम बैठ कर उनका इंतज़ार कर रहे थे कि मौसी बोली हम दोनो ही शिफ्ट करने की कोशिश करते है। मैं बोला ठीक हैं, हमने अलमारी को धकेलना शुरू किया और किसी तरह बेडरूम के दरवाज़े तक ले गये और दरवाज़े मे अटक गये, में अलमारी को सीधी पोज़िशन मे पकड़े हुए था क्योंकि उसका सन्तुलन बिगड़ चुका था और हम में से किसी एक को दूसरी तरफ जा कर सपोर्ट देने की ज़रूरत थी,

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फिर अलमारी मौसी से संभलने लायक नहीं थी, तो मौसी ने कहा में दूसरी तरफ चली जाती हूँ और उन्होंने मेरी और अलमारी के बीच से निकल के जाने की कोशिश की और मुझे अपने बेक साइड से रग़ड मारते हुए किसी भी तरह लेकिन निकल गयी, इस दौरान मौसी ने अपनी गांड से मेरे लंड पर ऐसा रगड़ा कि मेरा लंड उनकी गांड के बीच मे घुस गया क्योंकि दरवाज़े और मेरे बीच बहुत कम जगह थी निकालने के लिए, जिससे मुझे उनकी गांड के बीच मे लंड डालने का अच्छा मौका मिल गया था और वो किसी तरह निकल गयी और अलमारी शिफ्ट हो गई थी।

इस शिफ्टिंग के बाद मौसी ने मुझे कहा मज़ा आया ना, मैने एक छोटी सी स्माइल देते हुए चुप रहा। दोस्तों यह कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मौसी मेरी दीवानी थी हर काम के लिए मेरे साथ ही मार्केट हो या फिर कही भी जाती थी। मेरे पास बाइक थी जब वो मेरे साथ बाइक पर जाती तो मुझसे चिपक कर बैठती थी, चूचियों को मुझसे पूरा सटा कर और अपना सीधा हाथ मेरी जांघ पर रख देती थी जैसे हम कोई कपल हो। मुझे बहुत मज़ा आता था उनके साथ बाइक चलाते समय।

मौसी घर मे ब्रा गर्मी के महीने मे नहीं पहनती थी जिससे उनका निप्पल दिखता था और में रोज़ इसका दर्शन करता था। इसी तरह सर्दी के महीने मे एक बार वो अपने बेटे को स्कूल ड्रॉप करके सुबह सुबह हमारे घर आ गयी आठ बज रहे थे। उन्हे मम्मी के साथ पास ही मे पड़ोसी के यहाँ पूजा मे जाना था नो बजे, जब वो घर मे आई तो में खुद सो रहा था में डेली लगभग नो बजे जागता हूँ।

मम्मी घर के कामो मे बिज़ी थी और घर के बाकी लोग अपने अपने काम पर चले गये थे, मौसी घर मे आई तो मम्मी को घर का काम करते देख मेरे बेड पर आकर बैठ गयी और फिर बेड पर बैठे बैठे लंबी हो गयी और रज़ाई से अपने को ढक लिया क्योंकि ठंड का मौसम था, मम्मी ने मौसी को आया हुआ देख घर का काम जल्दी जल्दी करने लगी थी। क्योंकि पूजा मे जाना था। में रात मे या सोते समय अंडरवियर नहीं पहनता हूँ सिर्फ़ अपने पायजामें मे ही सोता हूँ।

में एक दम फ्री नींद मे सोता हूँ और मेरा लंड खड़ा हो जाता है टाईट हो जाता है अक्सर। मौसी मेरे बगल मे लेटी है मुझे पता नहीं था, अचानक उन्होने मेरे चेस्ट पर फिर पेट पर हाथ फेरा तो में समझ गया की बगल मे मौसी है क्योंकि मेरे जागने का समय भी हो चुका था लेकिन में भी चुप से लेटा हुआ था। मेरा लंड रज़ाई के अंदर ही खड़ा हो गया था और में रज़ाई के बाहर निकालता तो सबको मेरे पायजामे का टेंट दिख जाता इसलिए में चुपचाप सोने का नाटक कर रहा था और अपनी करवट मौसी की तरफ कर ली कि तभी मौसी उनके हाथ से मेरे लंड पर टच हुआ तो उन्हे आभास हो गया कि इसका लंड है जो अब टाईट हो चुका है और उन्होने मेरी तरफ अपनी पीठ कर दी और मुझसे पूरी सट गयी, मेरा लंड तन कर इनकी गांड और चूत को सलामी दे रहा था, क्योंकि सुबह का समय था इसलिए वो ज़्यादा मुझे तंग नहीं कर रही थी क्योंकि मम्मी वहीं आस पास घर के कामो मे बिज़ी थी उनकी नज़र हम पर थी, फिर भी आदत से लाचार मौसी ने मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाना शुरू किया और स्किन गांड के पीछे कर दिया जिससे लंड और टाईट हो गया और उनकी गांड पर रगड़ मार रहा था। मौसी साड़ी पहने थी उन्होने साड़ी पूरी ऊपर कर अपनी पीठ मुझसे सटा दी थी जिससे अब डाइरेक्ट मेरा लंड उनकी गांड और चूत पर रगड़ खा रहा था। मेरा लंड बहुत टाईट हो रहा था क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ था और मेरा पूरा पानी उनकी गांड पर और पेटिकोट पर गिर गया था। मौसी को आब चिपचिपा महसूस हुआ तो वो उठ कर बैठ गयी और सीधे बाथरूम में चली गयी।

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उन्होंने मम्मी से कहा कि मेरे कपड़े खराब हो गये हैं पिरियड के चलते इसलिए मैं पूजा में नहीं जाउंगी, मम्मी ने अपने कपड़े दिए तो मौसी फिर से नहा कर और अपने कपड़े धोकर बाथरूम से निकली। तब तक में भी उठ चुका था और ब्रश करने लगा, तभी मम्मी ने मुझे कहा कि बेटा आज पानी नहीं है तू शाम को नहा लेना, इतने में मौसी ने कहा कि मेरे घर से नहा कर आ जाना क्योंकि उनके घर मे फेमेली छोटी सी है तो पानी की प्रॉब्लम नहीं है, मम्मी ने कहा तुझे अभी नहाना है तो मौसी के घर से जाकर नहा लेना मैं बोला ठीक है।

अब मौसी तो पूजा में नहीं जा रही थी तो मैं उनके साथ उनके घर की तरफ चला रास्ते मे उन्होने कहा कि तुमने मेरे कपड़े खराब कर दिए मुझ पर अपना वीर्य गिरा दिया। मैने अंजान बनकर कहा मैने वीर्य कब गिरा दिया, मौसी ने कहा अभी जब में तेरे बगल मे लेटी थी तब। मैने कहा वीर्य कहाँ से आया, तो मौसी बोली तेरे लंड से, मैं चुप हो गया और उनके घर पहुँच कर टायलेट गया और आकर मौसी को पानी गरम करने के लिए कहा।

मैने पूरे कपड़े निकाल कर अपने को टावल से लपेट लिया था और उनसे तेल माँग रहा था। क्योंकि हम ठंड के दिनो मे रोज बॉडी पर तेल से मसाज करके नहाते थे। मौसी ने कटौरी मे तेल देते हुए कहा कि में तुझे तेल लगा देती हूँ, तुझे बचपन मे मैने कितनी बार तेल लगाया है, मैं हंसने लगा मन ही मन और उनसे कहा मैं अपने से लगा लूँगा, तो उन्होने कहा शरमा मत ला में लगा देती हूँ, फिर उन्होने अपने बेड पर पुराना कपड़ा डाल कर मुझे लेटा दिया और धीरे से मेरा तौलिया निकाल दिया,

जिससे मैं पूरा नंगा हो गया, सबसे पहले उन्होने मेरा लंड देखकर कहा कि तू बहुत बड़ा हो गया है देख तेरी मिर्ची अब लौकी बन गई क्योंकि मेरा लंड टन कर खड़ा हो गया था और टाईट हो गया था, फिर उन्होने अपने कपड़े बदल कर अपनी एक मेक्सी पहन कर आई उसमे उनकी पूरी बॉडी दिख रही थी, चूचियां बिना ब्रा के लटक रही थी, बड़ी बड़ी गांड के डिवाइड दिख रहे थे, फिर उन्होने मसाज शुरू की मेरी पूरी बॉडी पर मसाज किया एक दम अच्छे तरीके से और सबसे लास्ट मे मेरे बॉल्स को बहुत तेल लगा कर मसाज किया और फिर मेरे लंड की स्किन पीछे करके उसमे तेल डाला और ऐसा मसाज दिया जिससे में सातवें आसमान मे पहुँच गया और मेरा फिर से वीर्य गिर गया मौसी ने कहा में इसी वीर्य के बारे मे बोल रही थी, बच्चे तू अब बाप बनने लायक हो गया है, वीर्य गिरने के बाद भी लंड खड़ा रहा एक दम टाईट जिसको देखकर मौसी ने कहा अब तू मुझे मसाज करदे मैने कहा ठीक है, में खड़ा होकर मौसी को बेड पर लेटा दिया, उन्होने कहा मेरी मेक्सी उतार दे नहीं तो तेल लग जाएगा।

मैने शरमाते हुए उनकी मेक्सी उतार दी वो भी एक दम नंगी हो गयी नंगी औरत को मैंने पहली बार अपनी आँखो से देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गये, लंड तो टाईट पर टाईट होता चला गया. मैने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा समय आएगा जब में खुद न्यूड होकर किसी औरत को न्यूड करके उससे तेल मसाज करूँगा, फिर मैने उनके पूरी बॉडी की जम कर मसाज की। स्पेशली उनकी चूचियों, गांड और चूत की, उन्होने मुझे अपनी चूत को पूरा फैला कर अपनी पिंक चूत को मुझे दिखाया, में हैरान और परेशान हो गया था।

तभी मैने मौसी से कहा कि में आपके साथ सेक्स करूँगा नहीं तो में मर जाऊंगा, उन्होने कहा पगले इसमे मरने की क्या बात है, जैसे सेक्स करना है वैसे कर, उस दिन पहली बार मैने मौसी को पूरी ताक़त से चोदा और खूब चोदा, उनकी चूचियों को तो मैने दबा दबा के लाल कर दिया था और चोदते चोदते वीर्य तीन बार उनकी चूत में ही गिरा दिया था। मैने उनसे कहा कि वीर्य अंदर गिर गया तो उन्होने कहा कोई बात नहीं मैने कॉपर-टी लगाई हुई है, मैं प्रेग्नेंट नहीं हों सकती तो ये बात सुनकर में बहुत खुश गया और उनकी गांड मारने के लिए कहा।

तभी वो बोली आज रहने दो क्योंकि समय काफ़ी हो गया है, तुम नहा कर घर चले जाओ तुम्हारी मम्मी इंतज़ार करती होगी, क्योंकि उनके भी बेटे और ससुर के आने का समय हो गया था इसलिए उन्होने कहा हम और कभी फुलटाईम सेक्स करेंगे अभी तो सिर्फ़ शुरुवात ही हुई है ना बच्चे, मैने टाइम देखा और जल्दी से नहा कर घर चला गया और मौके के इंतज़ार मे था।

आगे की कहानी अगले भाग में …

धन्यवाद …

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